गुरुवार, 13 नवंबर, 2008 को 08:22 GMT तक के समाचार
भारत में महँगाई की दर में गिरावट आई है और ये दहाई के आंकड़े से कम होकर 8.98 फ़ीसदी के स्तर पर आ गई है.
इससे पिछले सप्ताह यानि छह नवंबर को महंगाई दर 10.72 फ़ीसदी थी.
सरकारी आँकड़ों के अनुसार एक सप्ताह में महंगाई दर में 1.74 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
महँगाई दर के 12 फ़ीसदी के स्तर से 8.98 फ़ीसदी के स्तर पर आने को अच्छी ख़बर माना जा रहा है. ये पिछले 21 सप्ताह का न्यूनतम स्तर है.
आँकड़ों के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों और विद्युत क्षेत्र से जुड़े़ थोक मूल्य सूचकांक में 3.4 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
इस हफ़्ते में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ़) की कीमतों में 18 प्रतिशत तक की कमी आई है.
उल्लेखनीय है कि जून में जब भारत सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी की घोषणा की थी तो महंगाई की दर 8.7 प्रतिशत से बढ़कर दहाई अंकों तक पहुँच गई थी.
अगस्त के शुरु में तो ये 13 प्रतिशत के क़रीब पहुँच गई थी जो 16 वर्षों में सबसे अधिक थी.
इधर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें कम हुईं हैं और सरकार पर इनकी क़ीमतों को कम करने का दबाव बना हुआ है.
हालांकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि अभी पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में कमी नहीं की जाएगी.
भारत अपनी ज़रुरतों का लगभग 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है और इसकी क़ीमतें घरेलू महँगाई दर के निर्धारण में अहम भूमिका अदा करती हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार ने कई आर्थिक क़दम उठाए हैं और उनका बाज़ार पर सकारात्मक असर हुआ है.