गुरुवार, 06 नवंबर, 2008 को 14:08 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने मंदी की मार से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ब्याज दर में 1.5 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है जिसके बाद ब्याज दर तीन प्रतिशत पर जा पहुँची है.
1955 से अब तक यह देश में ब्याज की सबसे नीची दर है.
पिछले महीने ही ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक ने ब्याद दर में आधा प्रतिशत की कटौती की थी और इसे 5% प्रतिशत से घटाकर 4.5 प्रतिशत कर दिया था.
ब्रिटेन के उद्योग और व्यापार जगत से लगातार ऐसी माँगें उठ रही थीं कि अर्थव्यवस्था को भयावह मंदी से बचाने के लिए बड़ी कटौती करने की ज़रूरत है.
1981 के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी कटौती है, 1981 में दो प्रतिशत की कमी की गई थी.
यह कटौती इसलिए की गई है ताकि लोग अधिक पैसे ख़र्च करें और अर्थव्यवस्था में गतिविधियाँ मंद न पड़ें.
पिछले दिनों बड़े सुपरस्टोर्स और व्यापारिक संस्थानों ने जो आंकड़े जारी किए थे उनसे पता चलता है कि बिक्री में भारी गिरावट आई है. कई उद्योगों ने ब्रिकी कम होने की वजह से अपना उत्पादन कम कर दिया था या कर्मचारियों की छँटनी शुरू कर दी थी.
लगभग सभी बड़े अर्थशास्त्रियों का कहना था कि अगर जल्द से ब्याज दर में कटौती नहीं की गई तो ब्रिटेन मंदी के कगार पर है.
बीबीसी के आर्थिक मामलों के संपादक ह्यू पिम का कहना है, "बैंक ऑफ़ इंग्लैंड बाज़ार में बड़े संकुचन और भयावह भविष्य की बात कर रहा है, साफ़ दिख रहा है कि उन्होंने यह कटौती मंदी के लंबे दौर की शुरूआत को रोकने के लिए की है."
इस घोषणा के बाद ब्रिटेन के मुख्य शेयर सूचकांक फुट्सी में लगभग 2% की उछाल दर्ज की गई जिसका आशय लगाया जा रहा है कि व्यापारिक जगत ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है.
ब्रितानी उद्योगों के संगठन सीबीआई के निदेशक रिचर्ड लैम्बर्ट ने कहा, "यह एक साहसिक और स्वागत योग्य फ़ैसला है. इसके बाद बैंक लोगों को राहत दे पाएँगे और बाज़ार की हालत पहले से बेहतर होगी."
इस फ़ैसले से सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिलेगी जिन्होंने बैंक से कर्ज़ लेकर मकान ख़रीदा है और ऊँची दर पर मासिक किस्त भर रहे हैं.