http://www.bbcchindi.com

शुक्रवार, 31 अक्तूबर, 2008 को 14:58 GMT तक के समाचार

'नौकरियों में कटौती' - एसोचैम पीछे हटा

भारत के उद्योग और वाणिज्य मामलों से जुड़े प्रतिष्ठित संगठन एसोचैम ने अपनी उस रिपोर्ट को वापस ले लिया है जिसमें उसने पहले कहा था कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों में 25 प्रतिशत कटौती हो सकती है.

एसोचैम ने स्पष्ट किया है कि उनकी रिपोर्ट सभी औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करती थी.

एसोचैम के प्रवक्ता ने स्पष्ट करते हुए कहा, "एसोचैम का विश्लेषण बुनियादी तौर पर ब्रोकरेज सर्विसेज़, रियल एस्टेट और निवेश सलाहकार क्षेत्रों पर आधारित था."

चिदंबरम की चिंता

ग़ौरतलब है कि एसोचैम का ये स्पष्टीकरण वित्त मंत्री पी चिदंबरम के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने एसोचैम की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया था.

चिदंबरम का कहना था, " इस वक़्त रोज़गार सृजन की गति धीमी हो सकती है लेकिन यह कहना कि नौकरियों में कटौती हो सकती है, इसका कोई आधार नहीं है."

शुक्रवार को एसोचैम ने एक बयान जारी कर कहा है कि उनकी रिसर्च टीम अपने ताज़ा सर्वेक्षण का और अधिक विश्लेषण कर रही है, ताकि तात्कालिक संकट का सही विश्लेषण किया जा सके और दूसरे सेक्टरों में नई नौकरियों के अवसरों का भी पता चल सके.

पहले का बयान

ग़ौरतलब है कि बुधवार को एसोचैम ने कहा था कि स्टील, सीमेंट, सूचना प्रौद्योगिकी, बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग, वित्तीय एवं ब्रोकरेज सर्विसेज़, रियल एस्टेट, निर्माण और उड्डयन क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती होने की प्रबल संभावना दिखाई दे रही है.

संगठन के अनुसार अधिकतर कंपनियां वैश्विक मंदी के प्रभाव में है और कई कंपनियों ने नौकरियों में कटौती सिर्फ़ दीवाली के कारण रोक रखी है.

उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में भूचाल आ गया है और अमरीका में कई बैंक तक डूब गए हैं.

इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है जिसे साफ़ तौर पर शेयर बाज़ार में देखा जा सकता है.

एसोचैम ने जिन सेक्टरों के नाम गिनाए थे उन सभी सेक्टरों के शेयर तेज़ी से गिरे हैं और विश्लेषक मानते हैं कि ये सेक्टर आने वाले दिनों में मुश्किल में आ सकते हैं.