मंगलवार, 28 अक्तूबर, 2008 को 12:18 GMT तक के समाचार
वैश्विक आर्थिक संकट के इस दौर में आइसलैंड के सेंट्रल बैंक ने अपनी ब्याज दर एकदम छह प्रतिशत और बढ़ा कर 18 प्रतिशत कर दी है.
सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने कहा कि यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से हुए समझौते का ही एक हिस्सा है. सेंट्रल बैंक ने मु्द्रा कोष से दो अरब डॉलर का ऋण लिया है.
आइसलैंड के प्रधानमंत्री का कहना है कि देश को इसके अलावा भी चार अरब डॉलर का क़र्ज़ चाहिए और उन्होंने इस बारे में यूरोपीय सेंट्रल बैंक और अमरीकी फ़ेडेरल रिज़र्व से बात की है.
सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ब्याज दरों में यह बढ़ौतरी कुछ ही समय रहेगी और इस वृद्धि का उद्देश्य देश की मुद्रा में स्थिरता लाना था.
बैंक ने एक वक्तव्य में कहा, "तीन बैंकों के दीवालिया होने और कठोर बाहरी कारणों से आइसलैंड की विदेशी मुद्रा बाज़ार एक तरह से पंगु हो गई थी".
गवर्नर ने अपने देश की मु्द्रा के कारोबार पर कड़े विदेशी मुद्रा प्रतिबंध लागू कर दिए हैं.
आइसलैंड ने मंगलवार को एक सप्ताह में पहली बार अंतरराष्ट्रीय कारोबार किया जबकि क्राउन की क़ीमत यूरो के मुक़ाबले 240 तक पहुँच गई थी.
आइसलैंड को आर्थिक मंदी का शिकार हुए तीन बैंकों का अधिग्रहण करने के बाद से ही संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है.
नॉर्डिक देशों से बंधी आशा
प्रधानमंत्री ने अन्य नॉर्डिक देशों के नेताओं से मुलाक़ात के बाद चार अरब डॉलर का ऋण उगाहने की बात कही.
उन्होंने कहा, "यह एक तयशुदा संख्या नहीं है. लेकिन हम इसके आसपास ही कुछ देख रहे हैं".
प्रधानमंत्री हार्डे ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि वह अन्य नॉर्डिक देशों-स्वीडेन, फ़िनलैंड, नॉर्वे और डेनमार्क से कितनी राशी क़र्ज़ लेने की आशा रखते हैं.
उनका कहना था, "मैं उनमें से किसी पर दबाव नहीं डालना चाहता".