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शुक्रवार, 24 अक्तूबर, 2008 को 10:23 GMT तक के समाचार

तेल का उत्पादन घटाने का फ़ैसला

तेल निर्यातक देशों के संगठन यानी ओपेक ने विएना में हुई आपात बैठक में तेल के उत्पादन में 15 लाख बैरल प्रतिदिन की कटौती करने का निर्णय लिया है.

यह कटौती ओपेक के कुल उत्पादन का 4.5 प्रतिशत है और तेल निर्यातक देशों के अलावा होने वाले उत्पादन को मिला दें तो यह कटौती दो प्रतिशत की है.

लेकिन इस कटौती की घोषणा के बावजूद बाज़ार में तेल की क़ीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा और अमरीका में तीन डॉलर प्रति बैरल की कमी के साथ कच्चा तेल 64.61 डॉलर पर पहुँच गया. लंदन बाज़ार में भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई है.

ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना में शुक्रवार को हुई इस बैठक में तेल उत्पादन में कटौती का जो फ़ैसला लिया गया उसका असर नवंबर के पहले सप्ताह से दिखाई देने लगेगा.

ओपेक ने इस बैठक के बाद कहा है कि वे कटोती का फ़ैसला इसलिए कर रहे हैं क्योंकि कच्चे तेल की आपूर्ति माँग की तुलना मैं बहुत अधिक हो रही है.

पिछले कुछ हफ़्तों में तेल की क़ीमतों में नाटकीय रुप से कमी आई है.

पिछली जुलाई में तेल की क़ीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई थीं लेकिन अब यह घटकर आधे से भी कम रह गई है.

दरअसल वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी की चपेट में आ जाने से ऐसा माना जा रहा है कि तेल की माँग में भारी कमी होगी और इसी बिना पर वायदा कारोबार में तेल की क़ीमतें लगातार गोता लगा रही है.

ओपेक सदस्य दुनिया के कुल तेल का 40 प्रतिशत उत्पादन करते हैं.

ईरान और वेनेजुएला चाहते हैं कि तेल की क़ीमत सौ डॉलर प्रति बैरल से नीचे ना जाए लेकिन सऊदी अरब जैसे देश कम क़ीमत पर भी तेल बेचने को तैयार हैं.