गुरुवार, 23 अक्तूबर, 2008 को 12:57 GMT तक के समाचार
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विश्व बाज़ार में तेल की कीमत में आई कमी और देश में पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ी हुई कीमतों पर चर्चा करते हुए पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा है कि एक हफ़्ते में कोई घोषणा की जाएगी.
उनका कहना था, "पूरे मामले पर ध्यान दिया जा रहा है और एक हफ़्ते भीतर इस बारे में कोई घोषणा की जाएगी."
बीजू जनता दल के ब्रज किशोर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के रूपचंद पाल और राष्ट्रीय जनता दल के राम कृपाल यादव ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतें घटने के बाद सरकार की पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों के बारे में सरकार की नीति के बारे में सवाल पूछे.
मुरली देवड़ा का कहना था कि सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में और कमी होने का इंतज़ार कर रही है.
संसद में हंगामा
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विपक्षी सदस्य उनके इस बयान से संतुष्ट नहीं हुए और शोर होने लगा.
विपक्ष के सदस्यों का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें 147 डालर प्रति बैरल से घटकर 67 डालर तक आ गई हैं और इसे देखते हुए अब सरकार अपना वायदा निभाए और तेल की क़ीमतें तत्काल घटाए.
निजी विमानन कंपनियों को राहत पैकेज दिए जाने के सवाल पर भी पट्रोलियम मंत्री को विपक्ष की नाराज़गी झेलनी पड़ी.
पेट्रोलियम मंत्री देवड़ा और नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने इसका खंडन करते हुए कहा कि सरकार ने विमानन कंपनियों को किसी तरह का राहत पैकेज नहीं दिया है केवल उन पर बकाए को चुकाने के लिए कुछ दिन का समय दिया है.
उनके इस जवाब से बसपा, वाम मोर्चे और एनडीए के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए और सदन से बाहर चले गए.
इस साल जून में सरकार ने पेट्रोल के दाम पाँच रुपए, डीज़ल के दाम तीन रुपए प्रति लीटर और घरेलू रसोई गैस की क़ीमत में 50 रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की थी. किरोसिन या मिट्टी के तेल के दाम नहीं बढ़ाए गए थे.