सोमवार, 20 अक्तूबर, 2008 को 08:21 GMT तक के समाचार
दुनिया भर में आई मंदी से निपटने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने रेपो रेट में कमी की है ताकि बैंकों को कम ब्याज़ पर ऋण मुहैया हो सके.
मंदी का भारतीय बाज़ारों पर भी असर हुआ है और अधिकतर बैंकों में नकदी का संकट आ गया है.
रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट 100 अंक घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है.
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रेपो रेट कम किए जाने पर कहा कि इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और विकास की दर स्थाई रखी जा सकेगी, मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बनाया जा सकेगा.
इसी के मद्देनज़र रिज़र्व बैंक ने विभिन्न उपाय किए है और इसी की शृंखला में सोमवार को रेपो रेट में कमी की गई है.
बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वैश्विक वित्तीय स्थिति अस्थिर है और इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है जिसके करण क्रेडिट बाज़ार दबाव में है.
इससे पहले रिज़र्व बैंक ने कैश रिज़र्व रेसियो के रेट में भी कमी की थी. ये वो पैसा होता है जो बैंकों को रिज़र्व बैंक में रखना होता है.
सोमवार को बैंक ने रेपो रेट में जो कमी की है उससे मंहगाई में कमी हो सकती है.