सोमवार, 20 अक्तूबर, 2008 को 20:09 GMT तक के समाचार
अमरीकी फ़ेडरल रिज़र्व के प्रमुख बेन बरनानकि का कहना है कि वित्तीय संकट से निजात पाने के लिए अमरीकी प्रशासन को और उपाय करने होंगे.
अमरीकी प्रतिनिधिसभा की बजट समिति से उन्होंने कहा कि नए क़दम उठाया जाना बेहतर रहेगा.
हालांकि उन्होंने ये तो नहीं कहा कि अमरीका मंदी की चपेट में है लेकिन ये कहा कि अमरीकी अर्थव्यवस्था की रफ़्तार बहुत गंभीर रूप से धीमी पड़ गई है.
उनका कहना था कि इस समय एक और वित्तीय पैकेज उपयुक्त रहेगा.
फ़ेडरल रिज़र्व के प्रमुख का कहना था कि अभी कई सप्ताह तक अमरीकी अर्थव्यस्ता की रफ़्तार धीमी रहनेवाली है.
उन्होंने अमरीकी कांग्रेस के करों में कटौती और सरकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ाने का समर्थन किया.
दूसरी ओर अमरीकी वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने कहा कि प्रशासन वित्तीय पैकेज बैंकों का भरोसा बढ़ाने के लिए लाया था जिससे कि वे कर्जे दे सकें लेकिन उन्हें अपने धन को जमा करके नहीं बैठ जाना चाहिए.
पैकेज का असर
ग़ौरतलब है कि इस वित्तीय संकट को टालने के लिए बुश प्रशासन 700 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज लेकर आया था.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने ये कहकर चिंता बढ़ा दी है कि अमरीका सरकार वित्तीय संकट से उबारने के लिए जो पैकेज दे रही है बात उससे भी बनेगी नहीं.
विश्लेषकों का कहना है कि इस बात की गारंटी नहीं है कि पैकेज से वित्तीय संकट टल जाएगा.
उल्लेखनीय है कि दुनिया के अधिकतर शेयर बाज़ार इस साल की शुरुआत से लगभग 50 फ़ीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं.
लेकिन सोमवार शेयर बाज़ारों के लिए अच्छा रहा और एशियाई शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए.
यूरोप के बाज़ार भी इससे प्रभावित हुए और लंदन शेयर बाज़ार पाँच फ़ीसदी ऊंचाई के साथ बंद हुआ.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बाज़ारों में ये बढ़त इस उम्मीद के कारण है कि वित्तीय संकट थोड़ा धीमा पड़ता नज़र आ रहा है.