बुधवार, 15 अक्तूबर, 2008 को 23:25 GMT तक के समाचार
विश्व भर में आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच अमरीका के शेयर बाज़ार में बेतहाशा गिरावट हुई है और डाओ जोंस क़रीब आठ प्रतिशत गिरा है.
आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों के बावजूद शेयर बाज़ार संभल नहीं रहा है और पिछले 21 सालों में अब तक की सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली है.
डाओ जोंस 7.87 प्रतिशत गिरा है और इससे पहले 26 अक्तूबर 1987 को ऐसी गिरावट हुई थी.
फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन बेन बरनानके ने चेतावनी दी है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था को क्रेडिट संकट से 'गंभीर ख़तरा ' है.
कई निवेशकों का भी मानना है कि अगर अमरीका फ़िलहाल मंदी में नहीं है तो कम से कम इसी ओर बढ़ ज़रुर रहा है.
इस बीच जी आठ देशों के नेता वैश्विक वित्तीय सुधारों पर चर्चा के लिए एक सम्मेलन करने पर राज़ी हो गए हैं.
इससे पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कोष (आईएमएफ़) को दोबारा आकार देने की बात कही थी ताकि दुनिया भर की वित्तीय प्रणाली का नियमन हो सके.
अमरीका में पैसे की कमी के संकट का अर्थव्यवस्था पर असर के बारे में बुधवार को दो रिपोर्टें भी आई हैं.
सितंबर महीने में खुदरा बिक्री के आकड़ों से पता चलता है कि पिछले तीन वर्षों में इसमें सबसे अधिक गिरावट दर्ज़ की गई है.
उधर फेडरल रिज़र्व की रिपोर्ट में पूरे देशभर में आर्थिक गतिविधियों की कमी होने की बात कही गई है.
बरनानके ने न्यूयॉर्क में अपने एक भाषण में कहा कि अमरीका ने वो ग़लतियां नहीं की है जिसके कारण देश 1930 जैसी मंदी का शिकार हो जाए.
उन्होंने कहा कि फेडरल रिज़र्व हर स्तर पर पैसे की कमी से जूझने का प्रयास करता रहेगा.
बरनानके का कहना था, '' वित्तीय बाज़ारों में उतार चढ़ाव और वित्तीय फर्मों के लिए पैसों की कमी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा पेश कर रही हैं.''
मंदी की आशंका का असर यूरोप के बाज़ारों पर भी पड़ा है और बुधवार को ब्रितानी स्टॉक मार्केट एटीएसई में 7.16 प्रतिशत, जर्मनी के
डैक्स में 6.49 प्रतिशत और फ्रांस के कैक 40 में 6.82 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.