शनिवार, 11 अक्तूबर, 2008 को 13:55 GMT तक के समाचार
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दुनिया के धनी औद्योगिक देशों से अपील की है कि मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने के लिए वे कोई भी एकतरफ़ा क़दम न उठाएँ.
वॉशिंगटन में ग्रुप-7 देशों के वित्त मंत्रियों से मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति बुश ने कहा कि इस गंभीर आर्थिक संकट से निपटने के लिए सभी को मिल-जुल कर क़दम उठाने की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट से निपटने के लिए विश्व स्तर पर कार्रवाई करने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि जी-7 देश वित्तीय बाज़ार में नक़दी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए मिल-जुलकर क़दम उठाएँगे.
क़दम
बुश ने कहा, "जी-7 देशों ने महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थानों की मदद करने और उन्हें नाकामी से बचाने के लिए निर्णायक क़दम उठाने का फ़ैसला किया है. इसके तहत आम लोगों की बचत की सुरक्षा की जाएगी, और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि वित्तीय संस्थान ज़रूरी पूँजी उगाह सकें."
दुनिया के सात धनी औद्योगिक देशों ने बड़े बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को दिवालिया होने से बचाने के लिए हरसंभव उपाय करने की घोषणा की है.
अमरीकी वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने उस पाँच सूत्री योजना की जानकारी दी, जिसे जी-7 के वित्त मंत्रियों की मंज़ूरी मिली है. इस योजना का उद्देश्य है बाज़ार में कर्ज़ के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना और रुके पड़े आवासीय ऋण बाज़ार को आगे बढ़ाना.
शुक्रवार को ही हेनरी पॉलसन ने घोषणा की थी कि अमरीका 1930 के बाद पहली बार सीधे बैंकों में निवेश करेगा. ब्रिटेन ने भी ऐसे ही क़दमों की घोषणा की थी.
शुक्रवार को एशियाई, यूरोपीय और अमरीकी शेयर बाज़ार में गिरावट का दौर जारी था. संकट से निपटने के लिए यूरोज़ोन के नेता रविवार को एक बैठक करने वाले हैं.