शुक्रवार, 10 अक्तूबर, 2008 को 18:18 GMT तक के समाचार
राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अमरीकियों को आश्वस्त किया है कि सरकार अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए 'आक्रामकता के साथ' काम कर रही है.
व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि बाज़ार में जो उठापटक का दौर चल रहा है उसके पीछे 'अनिश्चितता और डर' का माहौल है.
जब जॉर्ज बुश यह आश्वासन दे रहे थे तब ब्याज़ दर में कटौती और केंद्रीय बैंकों के भारी आर्थिक मदद के बावजूद बाज़ार में वैश्विक आर्थिक मंदी का डर पसरा हुआ था और शेयर बाज़ार का धराशाई होना जारी था.
एशियाई और यूरोपीय बाज़ार के बाद अमरीकी शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ खुला. हालांकि कुछ देर बाद बाज़ार संभलता हुआ दिखा.
पर्याप्त संसाधन
राष्ट्रपति बुश ने 700 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की अपनी सरकार की योजना का बचाव करते हुए कहा कि यह राशि पर्याप्त है.
उन्होंने कहा कि इस आर्थिक पैकेज का असर दिखने में कुछ वक़्त लगेगा.
किसी नए उपाय की घोषणा किए बग़ैर उन्होंने कहा, "हम एक समृद्ध देश हैं और हमारे पास विविध तरह के उपाय और अथाह संसाधन हैं. हम इन उपायों का आक्रामकता के साथ उपयोग कर रहे हैं."
अपने निवेश और पेंशन एकाउंट को लेकर लोगों की चिंता का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "नागरिको, हम इस संकट को हल सकते हैं और हम ऐसा करेंगे."
उन्होंने कहा कि अमरीका दुनिया भर में अपने साथियों के साथ अफ़रा-तफ़री भरे बाज़ार को स्थिर करने की कोशिशों में लगा हुआ है.
उन्होंने कहा, "इन प्रयासों से दुनिया ने निश्चित रुप से यह संदेश दिया है कि हम एक साथ हैं और इससे हम एक साथ ही निपटेंगे."
इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने इस बात का खंडन किया है कि अमरीकी बाज़ार में अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाज़ार के नियमों का पालन करना बंद किया जा रहा है.
यह सुझाव इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बरलुस्कोनी ने दिया था.
बाज़ार में उठापटक जारी
दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में उठा-पटक का दौर जारी है. एशियाई और यूरोपीय बाज़ार के बाद अमरीकी शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ खुला लेकिन फ़िलहाल संभल गया है.
डाओ जोंस खुलते ही 10 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गया लेकिन फ़िलहाल बाज़ार संभल गया है. इससे पहले एशियाई शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट दर्ज की गई.
जापान का निकेई 20 वर्ष के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया तो भारत का मुंबई शेयर बाज़ार भी 800 अंक से ज़्यादा गिरकर बंद हुआ.
यूरोपीय बाज़ारों की भी कमोबेश यही स्थिति रही. ब्रिटेन का एफ़टीएसई 8.9 प्रतिशत नीचे गिरकर बंद हुआ. फ़्रांसीसी शेयर बाज़ार 7.7 प्रतिशत और जर्मनी का शेयर बाज़ार 8.4 प्रतिशत नीचे गिरा.
इस सप्ताह टोक्यो शेयर बाज़ार में 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. अमरीका में कच्चे तेल की क़ीमत 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है. यूरोपीय बाज़ार में भी तेल की क़ीमत में गिरावट आई है.
ज़रूरत से ज़्यादा अनिश्चितता के कारण मॉस्को और जकार्ता के शेयर बाज़ार में फ़िलहाल कारोबार रोक दिया गया है.