गुरुवार, 09 अक्तूबर, 2008 को 12:48 GMT तक के समाचार
ब्याज दरों में कटौती की कई देशों की पहल के बाद शुरुआत में यूरोपीय और अमरीकी शेयर बाज़ार में उछाल देखी गई थी लेकिन एक बार फिर शेयर बाज़ार में गिरावट देखी जा रही है.
डाउ जोंस की गिरावट का असर यूरोपीय बाज़ारों पर भी देखने को मिला है. एफ़टीएसई-100 में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि फ़्रांसीसी शेयर बाज़ार 1.55 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ.
जानकारों का कहना है कि निवेशक अब भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि मौजूदा आर्थिक संकट मंदी की ओर बढ़ रहा है.
जापान का निकेई गिरावट के साथ बंद हुआ है. जापान के प्रधानमंत्री ने अपील की है कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए और क़दम उठाने की आवश्यकता है.
इसके लिए जिस तरह के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है, वह 20 खरब येन तक का हो सकता है. लेकिन हाँगकाँग के हैंग सेंग में 3.3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
जबकि सिडनी में ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख सूचकांक 1.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ. लेकिन दक्षिण कोरिया में ब्याज़ दर में कटौती का सकारात्मक असर पड़ा और शेयर बाज़ार चढ़कर बंद हुआ.
भारत में दशहरे की छुट्टी के कारण गुरुवार को शेयर बाज़ार बंद रहे.
आशंका
अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को रास्ते पर लाने के लिए बुधवार को सात देशों के केंद्रीय बैंकों ने एक साथ ब्याज दर में कटौती की थी.
जबकि ब्रिटेन ने बैंकिंग व्यवस्था को संकट से निकालने के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी. लेकिन इन क़दमों को लेकर अभी भी शंका जताई जा रही है कि क्या इन क़दमों से अर्थव्यवस्था में आई मंदी दूर हो पाएगी या नहीं.
अमरीका के वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने चेतावनी दी है कि 700 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज के बावजूद देश के कई बैंक डूब सकते हैं.
हारग्रीव्ज़ लैंसडाउन स्टॉकब्रोकर्स में यूके इक्विटी के प्रमुख रिचर्ड हंटर का कहना है कि आर्थिक पैकेज को लेकर माहौल पूरी तरह आशावादी नहीं बना है और अभी भी संदेह क़ायम है कि क्या इससे वित्तीय संकट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.