बुधवार, 08 अक्तूबर, 2008 को 11:48 GMT तक के समाचार
अमरीका और ब्रिटेन समेत सात केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दर में 0.5 फ़ीसदी की कटौती करने की घोषण की है.
ब्रिटेन में अब ये दर पाँच फ़ीसदी के बजाय 4.5 फ़ीसदी हो जाएगी. जबकि अमरीका में फ़े़डरल रिज़र्व ने ब्याज दर दो फ़ीसदी से घटाकर 1.5 फ़ीसदी कर दी है.
यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने रेट 4.25 से 3.75 फ़ीसदी कर दिया है.
कनाडा, चीन, स्वीडन और स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंकों ने भी इसी तरह के क़दम उठाए हैं. इसका मकसद शेयर बाज़ारों में गिरावट के रुख़ को रोकना और वित्तीय संकट पर काबू पाना है.
आर्थिक पैकेज
इस बीच ब्रिटेन सरकार ने अपने देश की बैंकिंग प्रणाली के लिए 88 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज घोषित किया है.
इसे आंशिक राष्ट्रीयकरण के तौर पर देखा जा रहा है. इस आर्थिक पैकेज से ब्रिटेन के बड़े बैंकों को अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी. लेकिन बैंको को कई पाबंदियों का पालन करना होगा जैसे बड़े अधिकारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी और शेयरधारकों को डिविडेंड देने पर पाबंदी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि ये क़दम ब्रिटेन की बैंकिंग प्रणाली को मज़बूती देने के लिए उठाया गया है.
बुधवार को एशियाई बाजा़रों के शेयर मार्केट में गिरावट का दौर जारी रहा.
जापान में निक्केई नौ फ़ीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ. पिछले 20 सालों से भी ज़्यादा के समय में ये सबसे बड़ी गिरावट थी. हॉंग कॉंग में हेंगसेंग में आठ फ़ीसदी की गिरावट रही.
सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के बाज़ारों में भी सूचकांक लुढ़का तो इंडोनेशिया के शेयर बाज़ार में 10 फ़ीसदी की गिरावट के बाद ट्रेडिंग बंद कर देनी पड़ी.
उधर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने आगाह किया है कि विश्व की अर्थव्यवस्था बड़े संकट की ओर बढ़ रही है.
आईएमएफ़ ने कहा है कि वित्तीय बाज़ार 1930 के बाद से सबसे ज़बरदस्त संकट से जूझ रहे हैं. अगले वर्ष की आर्थिक प्रगति की दर आईएमएफ़ ने अपने पहले के अनुमान से करीब एक फ़ीसदी घटा दी है.
आईएमएफ़ का कहना है कि 2009 में बाज़ार में सुधार देखने की उम्मीद जताई गई थी लेकिन ये काम धीमी गति से होगा.