बुधवार, 08 अक्तूबर, 2008 को 11:29 GMT तक के समाचार
भारत के शेयर बाज़ार में आई ज़बर्दस्त गिरावट के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि चिंता की कोई ज़रुरत नहीं है और अर्थव्यवस्था की नींव बहुत मज़बूत है.
बुधवार को शेयर बाज़ार में 700 अंकों की गिरावट हुई और एक समय सेंसेक्स 11000 से नीचे चला गया था.
वित्त मंत्री ने कहा कि सेंसेक्स के गिरने को भारतीय अर्थव्यवस्था से पूरी तरह जोड़ना सही नहीं होगा.
उन्होंने कहा, ' निवेशकों को दिक्कत हो रही है लेकिन उन्हें चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि अर्थव्यवस्था की नींव बहुत मज़बूत है. आप आकड़े देखेंगे तो पाएंगे कि टैक्स कलेक्शन बढ़ा है. कॉरपोरेट टैक्स भी बढ़ा है. यानी कि मूल चीज़ें अपनी जगह पर बिल्कुल सही है.'
उनका कहना था, 'इस साल जून के अंत तक 66 लाख करोड़ का निवेश हुआ है जबकि पिछले साल यह निवेश इस समय में 44 लाख करोड़ का था. जो हमने लक्ष्य बनाए थे वो पूरे हुए. मैंने वनिवेशकों को कोई सलाह नहीं दूंगा. तथ्य सामने हैं. उन्हें फ़ैसला करना है. '
उल्लेखनीय है कि पिछले नौ महीनों में सेंसेक्स 21 हज़ार के स्तर से घटकर 11 हज़ार के आसपास पहुंच चुका है.
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि निवेशकों को अभी बाज़ार में बने रहना चाहिए क्योंकि जैसे ही अमरीकी बाज़ार ठीक होगा तो भारतीय बाज़ार भी ऊपर जाएगा.
उनका कहना था कि भारतीय बाज़ार में गिरावट कोई अनोखी बात नहीं है और ऐसा अमरीकी बाज़ार के कारण हो रहा है, इसमें भारतीय कंपनियों की दिक्कत नहीं है.
इससे पहले मंगलवार को वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई थी कि पूरी दुनिया में चल रहे वित्तीय संकट के बावजूद भारत नौ प्रतिशत की विकास दर हासिल कर सकता है.
उल्लेखनीय है कि अमरीका में आए वित्तीय संकट का असर पूरी दुनिया में दिख रहा है और अमरीकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए जो 700 अरब डॉलर के पैकेज की घोषणा की है उसका भी इस समय कोई असर नहीं दिख रहा है.