सोमवार, 06 अक्तूबर, 2008 को 09:38 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ारों में आई गिरावट की वजह से सोमवार को भारत के शेयर बाज़ारों में भी भारी गिरावट देखी गई है.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक 724 अंकों की गिरावट के साथ 11801 के स्तर पर बंद हुआ. बाज़ार दो साल के अपने न्यूनतम स्तर पर था.
दिन के कारोबार के दौरान ही ये 12000 के स्तर से नीचे फिसल गया था. दोपहर साढ़े बारह बजे ये 572 अंको की गिरावट के बाद 11954 के स्तर पर आ गया था.
अमरीकी सरकार के 700 अरब डॉलर के राहत पैकेज को मंज़ूरी मिलने के बाद भी वैश्विक निवेशकों के आगे न बढ़ने की वजह से भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट का दौर जारी है.
शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद हुई भारी बिकवाली के कारण बाज़ार में सोमवार को लगातार गिरावट का रुख़ रहा.
न्यूनतम स्तर
सोमवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई के सेंसेक्स में 300 अंकों से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई और दोपहर तक यह 12000 से भी नीचे चला गया.
निफ्टी में दोपहर बाद 200 अंकों से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई. निफ़्टी 215.95 अंक लुढ़का.
सेंसेक्स जनवरी 2008 के उच्चतम स्तर से अब तक 43 प्रतिशत तक गिर चुका है. अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ारों में भी सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की जा रही है.
अमरीकी बाज़ार शुक्रवार को बुरी तरह टूटे थे और डाओ जोंस 157 और नैस्डेक 29 अंक नीचे रहा था और सोमवार को भी एशियाई शेयर बाज़ार गिरावट झेल रहे हैं.
सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में टाटा पावर, जेपी एसोसिएट्स, स्टरलाइट, रिलायंस कम्युनिकेशन, टाटा स्टील, डीएलएफ, रिलायंस इंफ्रा, टीसीएस आदि शेयरों ने सात प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी में कारोबार किया.
दो दिनों तक लगातार बढ़त के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे. 700 अरब डॉलर के पैकेज को सीनेट की मंज़ूरी मिलने के बावजूद कारोबारियों में आशंका व्याप्त है.