गुरुवार, 02 अक्तूबर, 2008 को 07:35 GMT तक के समाचार
एशिया के शेयर बाज़ारों में गुरुवार को ख़ासी गिरावट देखने को मिली है. ग़ौरतलब है कि अमरीका के वित्तीय क्षेत्र को संकट से बाहर निकालने के लिए 700 अरब डॉलर के पैकेज को सीनेट की मंज़ूरी मिलने के बावजूद ऐसा हुआ है.
जापान में टोक्यो शेयर बाज़ार निक्केई में गुरुवार को 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
एशिया के अन्य शेयर बाज़ारों का हाल भी कुछ ऐसा दिखा. दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और ताइवान के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाज़ारों में भी ख़ासी गिरावट आई.
दक्षिण एशिया के शेयर बाज़ार में गुरुवार को क़रोबार के शुरुआती घंटों में ही दो फ़ीसद की गिरावट देखी गई. सबसे अधिक गिरावट इलेक्ट्रानिक्स कंपनी सैमसंग, मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी हाइनेक्स और बैंकों के शेयरों में देखी गई है.
आशंका
कई समाचार एजेंसियों ने आर्थिक विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि अमरीकी आर्थिक सहायता पैकेज आर्थिक मंदी का कोई स्थायी समाधान नहीं है.
जेपी मॉर्गन बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री माशामिची अदाची ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि वैश्विक बाज़ार को लेकर चिताएँ बनीं हुई हैं इसलिए बाज़ार में स्थिरता आनी मुश्किल ही लगती है.
उन्होंने कहा कि आर्थिक तौर पर देखा जाए तो यह एक बिल्कुल नई दुनिया है और अमरीकी अधिकारी जो कर रहे हैं वह केवल दुनिया भर के बाज़ारों को मंदी से बचाने के कदम हैं.
उधर अमरीका में हुए एक सर्वेक्षण से पता जला है कि निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में सितंबर में ख़ासी कमी आई है जो सर्वेक्षण करने वाली संस्था के मुताबिक अक्तूबर 2001 से अब तक सबसे कम है.