बुधवार, 24 सितंबर, 2008 को 21:43 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन के वित्तीय संकट के कारण बहस टालने पर उनके प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा ने असहमति जताई है.
दूसरी ओर राष्ट्रपति बुश इस संकट पर अमरीकी जनता को संबोधित करनेवाले हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जॉन मैक्केन का कहना था कि वो अपने चुनाव प्रचार को थोड़े समय के लिए रोक रहे हैं ताकि वो वॉशिंगटन जा सकें और वित्तीय संकट के मुद्दे को सुलझाने में मदद कर सकें.
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन का कहना था कि उन्होंने शुक्रवार को अपने विरोधी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा के साथ होनेवाली बहस को स्थगित करने को कहा है.
लेकिन बराक ओबामा का कहना था कि इस समय अमरीकी जनता को उम्मीदवारों के विचार जानने की पहले से कहीं अधिक ज़रूरत है.
मैक्केन का कहना था कि उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस बुश प्रशासन के 700 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता योजना को मौजूदा स्वरूप में पारित करेगी.
इधर ओबामा के सहयोगियों का कहना था कि वो वित्तीय संकट पर संयुक्त बयान जारी करने के संबंध में जॉन मैक्केन के साथ बातचीत करेंगे.
बीबीसी संवाददाता का कहना था कि वित्तीय संकट को दिए गए बयानों को लेकर मैक्केन की कड़ी आलोचना की जा रही थी और ये क़दम उसको ध्यान में रखकर उठाया गया है.
योजना पर सवाल
उल्लेखनीय है कि अमरीकी बैंकों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए बुश प्रशासन की योजना को अमरीकी कांग्रेस में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
बुश प्रशासन ने अमरीकी बैंकों को संकट से उबारने के लिए 700 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज तैयार किया है.
अमरीकी सीनेट की प्रभावशाली बैंकिग समिति की सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टी के नेताओं ने इस योजना को लेकर अपने संदेह व्यक्त किए.
बैंकिग समिति के चेयरमैन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता क्रिस डॉड ने इस योजना को वर्तमान रूप में अस्वीकार कर दिया है जबकि रिपब्लिकन पार्टी के रिचर्ड शेल्बी ने भी इस पर संदेह व्यक्त किया.
दोनों ही पार्टियों का कहना है कि सरकार इस बात को सुनिश्चित करे कि वित्तीय संस्थानों को दी जाने वाली सहायता का भार आम अमरीकियों को नहीं उठाना पड़ेगा.
इससे पहले अमरीका के वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने कांग्रेस की समिति से आग्रह किया था कि वो बैंकों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए जल्द से जल्द आर्थिक पैकेज को मंज़ूरी दे दे.