बुधवार, 24 सितंबर, 2008 को 12:32 GMT तक के समाचार
अमरीकी बैंकों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए बुश प्रशासन की योजना को अमरीकी कांग्रेस में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है.
बुश प्रशासन ने अमरीकी बैंकों को संकट से उबारने के लिए 700 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज तैयार किया है.
अमरीकी सीनेट की प्रभावशाली बैंकिग समिति की सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टी के नेताओं ने इस योजना को लेकर अपने संदेह व्यक्त किए.
बैंकिग समिति के चेयरमैन क्रिस डॉड (डेमोक्रेटिक पार्टी) ने इस योजना को वर्तमान रुप में अस्वीकार कर दिया है जबकि रिपब्लिकन पार्टी के रिचर्ड शेल्बी का कहना था कि वे इस योजना पर कभी मुहर नहीं लगाएँगे.
दोनों ही पार्टियों का कहना है कि सरकार इस बात को सुनिश्चित करे कि वित्तीय संस्थानों को दी जाने वाली सहायता का भार आम अमरीकियों को न उठाना पड़े.
रिचर्ड शेल्बी ने कहा, "निस्संदेह हमें वित्तीय संस्थानों पर ध्यान देना होगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस संकट से उबरने के लिए इन संस्थानों पर इतनी बड़ी रकम ख़र्च करने की ज़रुरत है."
मंजूरी का आग्रह
डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन ने हालांकि इस योजना को ख़ारिज नहीं किया है लेकिन उन्होंने इय योजना पर गारंटी की माँग की है.
इससे पहले अमरीका के वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन और फ़ेडरल रिज़र्व बैंक के चेयरमैन बेन बर्नएंक ने कांग्रेस की समिति से आग्रह किया था कि वो बैंकों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए जल्द से जल्द आर्थिक पैकेज को मंज़ूरी दे.
कांग्रेस के कुछ सदस्य इस बात को लेकर आशंकित हैं कि आम करदाता के सिर पर सैकड़ों अरब डॉलर कर्ज़ चढ़ जाएगा.
हेनरी पॉलसन ने सिनेट की बैंकिंग समिति को बताया था कि अगर ये पैकेज नहीं दिया गया तो अमरीकी नागरिकों की निजी बचत ख़तरे में पड़ जाएगी.
आर्थिक पैकेज के मसले पर बुश निजी तौर पर दिलचस्पी ले रहे हैं और उन्होंने पहले भी इसे जल्दी से मंज़ूरी देने की अपील की है.