http://www.bbcchindi.com

आर्थिक पैकेज में देर न करें: पॉलसन

अमरीका के वित्त मंत्री हेनरी पॉलसन ने कांग्रेस की समिति से आग्रह किया है कि वो बैंकों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए जल्द से जल्द आर्थिक पैकेज को मंज़ूरी दे.

हेनरी पॉलसन ने सिनेट की बैंकिंग समिति को बताया है कि अगर ये पैकेज नहीं दिया गया तो अमरीकी नागरिकों की निजी बचत ख़तरे में पड़ जाएगी.

फ़ेडरल रिज़र्व बैंक के चेयरमैन बेन बर्रएंक ने उनका समर्थन करते हुए कहा है कि तत्काल क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है.

सुनवाई के दौरान समिति के सदस्य क्रिस डॉड ( डेमोक्रेटिक पार्टी) का कहना था, "हम स्थिति की गंभीरता समझते हैं. ये संकट निजी लालच और सार्वजनिक नियामक की लापरवाही के कारण पैदा हुआ है."

डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी दोनों की ओर से ही संदेह जताया जा रहा है कि आर्थिक पैकेज कितनी जल्दी दिया जा सकेगा.

हेनरी पॉलसन का कहना है, "हमने बाज़ार में पिछले हफ़्ते उथल पुथल देखी जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. हमें इस संकट के मूल कारण से निपटने के लिए ठोस क़दम उठाने होंगे."

उनका कहना था कि जब वित्तीय प्रणाली सुचारु रूप से काम नहीं करती तो अमरीकी लोगों की निजी बचत, लोगों और व्यवसायों की ख़र्च करने की क्षमता, निवेश और रोज़गार के अवसर सब पर असर पड़ता है.

तत्काल क़दम ज़रूरी

वहीं फ़ेडरल रिज़र्व बैंक के चेयरमैन बेन बर्रएंक ने एआईजी की मदद करने के फ़ैसले का बचाव किया है.

अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने घोषणा थी है कि वो दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनी अमेरिकन इनवेस्टमेंट ग्रुप (एआईजी) को बचाने के लिए उसे 85 अरब डॉलर का कर्ज़ दे रहा है.

उन्होंने कहा कि फ़ेडरल रिज़र्व, वित्त मंत्रालय और अन्य एजेंसियों की मदद के बावजूद विश्व में वित्तीय बाज़ार दवाब में रहेंगे.

आर्थिक पैकेज दिए जाने के मसले को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी नज़र रखे हुए हैं.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता टोनी फ़्राटो ने कॉन्फ़्रेंस कॉल के ज़रिए कहा, "हमने ये क़दम यूँ ही नहीं उठाया है. ये बड़ी योजना है. हमारे पास और कोई विकल्प नहीं था."

लेकिन कांग्रेस के कुछ सदस्य इस बात को लेकर आशंकित हैं कि आम कर दाता के सर पर सैकड़ों अरब डॉलर कर्ज़ चढ़ जाएगा.