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मंगलवार, 16 सितंबर, 2008 को 04:42 GMT तक के समाचार

झटके के बाद संभला भारतीय बाज़ार

मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार अन्य एशियाई बाज़ारों की तरह गिरावट के साथ खुले.

कारोबार की शुरूआत में 3.5 प्रतिशत का गोता खाने के बाद बाज़ार दोबारा संभल गया और कारोबार के अंत में सोमवार की तुलना में कोई बहुत अधिक गिरावट नहीं आई.

मुंबई शेयर बाज़ार का तीस शेयरों का सूचकांक 12 अंकों की गिरावट के साथ 13518 पर बंद हुआ है, जबकि मंगलवार को ऐसा समय भी आया था जब सेंसेक्स 13051 तक जा पहुँचा था.

जानकारों का कहना है कि बाज़ार के कभी कई दिनों तक डाँवाडोल रहने की हालत दिख रही है क्योंकि अमरीका में कई बड़े बैंकों और वित्तीय संस्थानों की हालत पतली है.

सोमवार को भी भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट दर्ज़ की गई थी और सेंसेक्स 469 और निफ़्टी 155 अंक नीचे गिरकर बंद हुआ था.

अमरीका के प्रमुख निवेश बैंकों में से एक लीमैन ब्रदर्स के दिवालिया होने, मेरिल लिंच के बिकने और एआईजी के संकट में होने की ख़बरों के बाद दुनिया भर के पूँजी बाज़ार में उथल पुथल मच गई है.

मंगलवार को एशियाई बाज़ारों में भारी गिरावट देखने को मिली है और पहले से ही आशंका जताई गई थी कि भारतीय बाज़ारों में भी ऐसा ही प्रभाव देखने को मिल सकता है.

गिरावट

सोमवार को भारत के शेयर बाज़ार भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे. दिन का कारोबार बंद होने पर बीएसई के सेंसेक्स में 469 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी.

दिन में एक समय बीएसई 789 अंक लुढ़क गया था लेकिन आख़िरकर 13,531.27 के स्तर पर बंद हुआ था.

एनएसई का निफ़्टी भी 155 अंक नीचे चला गया था.

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफ़सी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और डीएलएफ़ जैसी प्रमुख कंपनियाँ में गिरावट देखी गई थी.

दरअसल, अमरीकी वित्त बाज़ार 1930 की आर्थिक मंदी के बाद से अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग संकट का सामना कर रहा है.

साथ ही दिल्ली में हुए बम धमाकों से भी शेयर बाज़ार के माहौल पर असर पड़ा है.

भारतीय बाज़ार में लगातार पिछले कुछ दिनों गिरावट दिखाई पड़ रही है.