सोमवार, 15 सितंबर, 2008 को 03:46 GMT तक के समाचार
अमरीका के भारी भरकम निवेश बैंक लीमन ब्रदर्स ने कहा है कि वह अपने आपको दिवालिया घोषित करने जा रहा है.
अरबों डॉलर खो चुके लीमन ब्रदर्स के दिवालिया होने की ख़बर का दुनियाभर के शेयर बाज़ारों पर असर हुआ है.
दरअसल, अमरीकी वित्त बाज़ार 1930 की आर्थिक मंदी के बाद से अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग संकट का सामना कर रहा है.
लीमन ब्रदर्स बैंक से व्यापार करने वाली दुनिया भर की वित्तीय संस्थाएँ अरबों डॉलर का नुक़सान उठाने के कगार पर हैं.
स्थिति के बुरे होने का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार होने के बावजूद वॉल स्ट्रीट में आपात स्थिति के तौर पर व्यापार हुआ ताकि लीमन ब्रदर्स में पैसा लगाने वालों को कम से कम नुक़सान हो.
इसलिए रविवार को वॉल स्ट्रीट में हुए उस कारोबार से उन लोगों को मौक़ा मिला कि वे ख़ुद को बचाने के लिए क़दम उठा लें.
सौदे से हाथ खींचे
बैंक ऑफ़ अमरीका और ब्रितानी बैंक बारक्लेज़ को लीमन ब्रदर्स का संभावित ख़रीदार माना जा रहा था मगर दोनों ने ही सौदे से हाथ खींच लिया.
दरअसल अमरीकी वित्त विभाग किसी को भी ये गारंटी देने के लिए तैयार नहीं था कि ख़रीदार को लीमन के कुछ हिस्सों से अगर घाटा होता है तो वो उसकी भरपाई कर देगा.
इस बात के साफ़ संकेत थे कि सोमवार को बाज़ार औंधे मुँह गिर सकता है.
डाओ जोन्स सूचकांक के 300 अंकों तक गिरने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
इसके अलावा अमरीका की अन्य वित्तीय कंपनियाँ भी ख़तरे में हैं.
इंश्योरेंस कंपनी एआईजी, घरों के लिए ऋण उपलब्ध कराने वाली कंपनी वॉशिंगटन म्यूचुअल और निवेश बैंक मेरिल लिंच सबके शेयरों की क़ीमत पिछले हफ़्ते एक तिहाई तक गिर गई है.
अगर इनके बचाव में कुछ नहीं हुआ तो वित्त बाज़ार में भरोसा और गिर सकता है.
अब अमरीका के और बैंक 50 अरब डॉलर जुटा रहे हैं जिससे संकट में आने वाली वित्तीय कंपनियों को बचाने की कोशिश होगी. यानी एक बड़े संकट की आहट अब साफ़ सुनाई देने लगी है.