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महंगाई की दर में थोड़ी गिरावट

पिछले नौ सप्ताह से लगातार बढ़ रही मुद्रास्फीति की दर में इस सप्ताह थोड़ी गिरावट आई है. 12 जुलाई को ख़त्म हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर में 0.02 प्रतिशत की गिरावट आई है.

अब मुद्रास्फीति की दर 11.89 हो गई है. आलू, मक्का, मछली और चाय की क़ीमतों में गिरावट के कारण यह असर देखा जा रहा है.

10 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में मुद्रास्फीति की दर 7.82 प्रतिशत थी. लेकिन पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमत में आई बढ़ोत्तरी के कारण जून में यह 11.05 प्रतिशत हो गई. पाँच जुलाई को ख़त्म हुए सप्ताह में तो यह 11.91 प्रतिशत पहुँच गई.

एक साल पहले इसी समय मुद्रास्फीति की दर 4.76 प्रतिशत थी. ताज़ा आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ आलू, मक्का, मछली और चाय की क़ीमतों में गिरावट आई है.

चिंता

लेकिन कॉफ़ी, फल, सब्ज़ी, उड़द, मूंग, अरहर और मांस की क़ीमतें बढ़ी हैं. मुद्रा स्फ़ीति की ताज़ा दर पर अपनी टिप्पणी में एचडीएफ़सी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने बताया कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है.

उन्होंने कहा, "मुद्रास्फीति की दर चिंता का विषय बनी हुई है. अक्तूबर तक यह 13 प्रतिशत तक जा सकती है."

इस बीच वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 98 प्राथमिक वस्तुओं की सूची में से 10 की क़ीमतों में गिरावट देखी गई है. जबकि 54 पदार्थों की क़ीमतों में कोई बदलाव नहीं आया है.

एक दिन पहले ही केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार ने लोकसभा में विश्वास मत हासिल किया है. वामपंथी दलों के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार ने सदन में विश्वास मत पेश किया था.

लोकसभा में विश्वास मत पर चर्चा के दौरान बढ़ती महंगाई के कारण सरकार की आलोचना हुई थी.