सोमवार, 14 जुलाई, 2008 को 06:56 GMT तक के समाचार
ख़बरें हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है.
साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की है.
ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सरकार विश्वास मत जीत पाती है या नहीं, इस संदर्भ में अंबानी बंधुओं की भूमिका को लेकर अटकलें लगाईं जा रही हैं.
समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह अनिल अंबानी के नजदीकी माने जाते हैं और प्रेक्षक इस समीकरण को ध्यान में रखते हुए ही उनके उस बयान को देख रहे हैं जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुझाव दिया था कि लाखों निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अंबानी बंधुओं के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए.
दूसरी ओर मुकेश अंबानी जो अब तक कांग्रेस नेतृत्ववाली सरकार के नजदीक माने जाते थे, उनको ये बदले हुए समीकरण कितने रास आ रहे हैं, ये भी राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय है.
विवाद
उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ़्रीका की दूरसंचार कंपनी एमटीएन के साथ सौदे के मुद्दे पर अंबानी बंधुओं के बीच फिर तकरार चल रही है. अनिल अंबानी की नज़र इस कंपनी पर है.
भारत के सबसे बड़े औद्योगिक घराने से जुड़े अंबनी बंधु बँटवारे के बाद अलग-अलग कंपनियाँ चालते हैं.
बड़े भाई मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के प्रमुख हैं जबकि अनिल अंबानी नए अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के प्रमुख हैं.
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस आजकल दक्षिण अफ़्रीकी मोबाइल कंपनी के साथ विलय के मुद्दे पर बातचीत कर रही है.
लेकिन एडीएजी के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इस वार्ता में बाधा डालने का प्रयास कर रही है.
दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीड ने दूरसंचार क्षेत्र के इस संभावित सबसे बड़े सौदे को नुक़सान पहुँचाने के आरोप का खंडन किया था.