शुक्रवार, 11 जुलाई, 2008 को 06:54 GMT तक के समाचार
भारत में महँगाई की दर का बढ़ना जारी है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 28 जून को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई की दर 11.89 फ़ीसदी थी. इससे पहले 21 जून को ख़त्म हुए हफ़्ते में यह दर 11.63 फ़ीसदी थी.
सरकार ने पिछले महीने की चार तारीख़ को पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाए थे, जिसके बाद महँगाई की दर सात जून को समाप्त हुए सप्ताह में 13 वर्ष के बाद पहली बार 11 फ़ीसदी तक पहुँच गई थी.
महँगाई को काबू में करने के लिए रिज़र्व बैंक ने पिछले महीने रेपो दर और नगद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में वृद्धि की थी.
उस समय वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने महँगाई दर के दहाई के अंक में बने रहने की संभावना जताई थी. उनके अनुसार इसे नीचे आने में तीन महीने का समय लगेगा.
अनेक पदार्थों की कीमत बढ़ी
जून 28 को ख़त्म हुए सप्ताह के दौरान खाद्य पदार्थों के मूल्य में 0.3 फ़ीसदी, कपड़ों में 2.5 फ़ीसदी, सरसों के तेल में पाँच फ़ीसदी, सब्ज़ियों में 3.7 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
इस दौरान लोहे और स्टील के मूल्य में 1.4 फ़ीसदी, नारियल के तेल में 11 फ़ीसदी और दालों के मूल्यों में 0.8 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
पिछले तीन सप्ताह से महँगाई की दर लगातार 11 फ़ीसदी से ऊपर बनी हुई है. गत वर्ष इसी अवधि में महँगाई की दर 4.32 प्रतिशत थी.
बाज़ार के विशेषज्ञों का मानना है कि महँगाई की दर सितंबर के महीने में कुछ कम हो सकती है.
महँगाई की दर को काबू करने के लिए सरकार ने घरेलू स्तर पर मक्के की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 15 अक्तूबर तक इसके आयात पर रोक लगा दी है.