गुरुवार, 03 जुलाई, 2008 को 06:22 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतों में उछाल जारी है. एशियाई बाज़ार में गुरुवार को इसकी क़ीमत 145 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई.
सिंगापुर के वायदा बाज़ार में लंदन ब्रेंट क्रूड के लिए 145 डॉलर प्रति बैरल की बोली लगाई गई जबकि लाइट स्वीट क्रूड का भाव 144 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रहा.
इससे पहले लंदन और न्यूयॉर्क के बाज़ार में भी कच्चे तेल के भाव में तेज़ी दिखी.
इस वर्ष तेल की क़ीमतों में लगभग 45 फ़ीसदी की वृद्धि हो चुकी है और इसके डेढ़ सौ डॉलर प्रति बैरल होने की आशंका जताई जा रही है.
ताज़ा वृद्धि अमरीकी सरकार की उस घोषणा के बाद हुई है जिसमें कहा गया है कि उसके तेल भंडार में पिछले हफ़्ते 20 लाख बैरल की अप्रत्याशित कमी आई है.
दूसरे देशों की मुख्य मुद्राओं की तुलना में अमरीकी डॉलर के मूल्य में आई कमी, माँग में हो रही निरंतर वृद्धि, मध्य-पूर्व और अफ़्रीकी तेल उत्पादक देशों से आपूर्ति में बाधा आने की आशंका के कारण भी तेल के भाव बढ़ते जा रहे हैं.
दाम और बढ़ने की आशंका
अब यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं और ऐसा होने पर डॉलर की क़ीमत और घटेगी क्योंकि यूरोपीय निवेशक डॉलर ख़रीदने की बज़ाए बैंकों में ही पैसा रख कर ज़्यादा ब्याज हासिल करेंगे.
इससे तेल के दाम में लगी आग को और हवा मिल सकती है.
अमरीका-ईरान के बिगड़ते संबंधों को भी बड़ा कारण बताया जा रहा है. मैड्रिड में आयोजित विश्व पेट्रोलियम सम्मेलन के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ग़ुलाम हुसैन नोज़ारी ने धमकी दी है कि अगर अमरीका उनके देश पर हमला करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा.
इस बैठक में तेल के दाम को कम करने और आपूर्ति बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हो रही है.