शुक्रवार, 20 जून, 2008 को 09:30 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी ने बढ़ती महँगाई के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यूपीए सरकार की ग़लत नीतियों के कारण महँगाई बढ़ रही है.
भाजपा अध्यक्ष का कहना था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को महंगाई के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलानी चाहिए.
उनकी माँग थी कि सरकार को महँगाई पर एक श्वेतपत्र जारी करना चाहिए.
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि मनमोहन सिंह और महँगाई का चोली दामन का साथ है.
उनका कहना था,'' जब मनमोहन सिंह नरसिंह राव की सरकार में वित्त मंत्री थे तब भी महँगाई 10 फ़ीसदी के आसपास पहुँच गई थी और अब जब वो प्रधानमंत्री हैं तो महँगाई 11 फ़ीसदी के स्तर पर पहुँच गई है.''
भाजपा प्रवक्ता का सवाल था कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महँगाई की बात कर रही है लेकिन हम उससे पूछना चाहते हैं कि फल, सब्जियाँ और दूध क्यों महँगे हो रहे हैं जबकि ये देश में बहुतायत में उपलब्ध हैं.
रविशंकर प्रसाद का कहना था कि यदि सरकार महँगाई पर काबू नहीं पा सकती तो उसे गद्दी छोड़ देनी हिए.
'मुश्किल वक्त'
दूसरी ओर वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत में 11 फ़ीसदी महँगाई के लिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को ज़िम्मेदार ठहराया.
उनका कहना था कि बजट पेश किए जाने के बाद से अब तक तेल के क़ीमतों में 37 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.
वित्त मंत्री का कहना था कि ये मुश्किल वक्त है और सरकार माँग और आपूर्ति दोनों की स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है.
यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश कारत ने महँगाई के ताज़ा आँकड़ों को लेकर सरकार पर तल्ख़ टिप्पणी की कि सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम और बढ़ा देने चाहिए.
कांग्रेस नेता टॉम वडक्कन का कहना था कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री महँगाई को रोकने के लिए हरसंभव क़दम उठा रहे हैं.
उनका कहना था कि सरकार ने पिछले दिनों में अनेक क़दम उठाए हैं और हमें उम्मीद है कि वह और भी कार्रवाई करेगी.