शुक्रवार, 20 जून, 2008 को 11:43 GMT तक के समाचार
महँगाई की दर के 11 फ़ीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने का असर भारत के शेयर बाज़ारों के कारोबार में भी देखा गया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज इस साल के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया.
बीएसई में शुक्रवार को कारोबार के शुरुआत में ही भारी गिरावट देखी गई और कारोबार ख़त्म होने तक ये 516 अंकों की गिरावट के साथ 14571 के स्तर पर बंद हुआ.
सबसे अधिक गिरावट बैकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में देखी गई.
इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (निफ़्टी) में भी 156 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 4348 अंकों पर बंद हुआ.
सबसे ज्यादा नुक़सान उठानेवाले शेयरों में रिलायंस कम्युनिकेशंस, जयप्रकाश एसोसिएट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजूकी और अंबुजा सीमेंट रहे.
बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक में पिछले दो दिन से गिरावट का रुख़ देखा जा रहा है.
माना जा रहा है कि बीएसई में यह गिरावट विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से की गई बिकवाली के कारण हुई.
अमरीका के साथ परमाणु क़रार को लेकर बनी राजनीतिक अनिश्चितता भी शेयर बाज़ार के इस रुख़ का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है.
शेयर बाज़ार के जानकारों का कहना है कि निवेशक बढ़ती महँगाई को लेकर चिंतित हैं.
उन्हें आशंका है कि भारतीय रिज़र्व बैंक इसे रोकने के लिए ज़ल्द ही कड़े आर्थिक क़दम उठाएगा जिनका अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
ग़ौरतलब है कि शुक्रवार को जारी आँकड़ों के अनुसार सात जून को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई की दर पिछले 13 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 11.05 फ़ीसदी दर्ज की गई है.
इसके पहले के सप्ताह में महँगाई की दर 8.75 फ़ीसदी रिकॉर्ड की गई थी.