रविवार, 15 जून, 2008 को 23:17 GMT तक के समाचार
सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि वह अगले महीने से तेल का उत्पादन प्रति दिन दो लाख बैरल बढ़ा देगा.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सऊदी अरब के तेल मंत्री अली अल नैमी के साथ रविवार को मुलाक़ात के बाद इस बात की जानकारी दी.
पिछले महीने सऊदी अरब ने तेल की क़ीमतों में कमी लाने के लिए अपने तेल उत्पादन में तीन लाख बैरल प्रति दिन की बढ़ोत्तरी की.
सऊदी अरब की दलील है कि तेल की क़ीमतें में बढ़ोत्तरी की तेल की कमी की वजह से नहीं बल्कि इसको लेकर लगाई जा रही अटकलों के कारण बढ़ा है.
शुक्रवार को ऐसी ख़बरों के बाद कि सऊदी अरब तेल उत्पादन में बढोत्तरी कर देगा, तेल की क़ीमतों में दो डॉलर की कमी आई.
अमरीका में कच्चे तेल का कारोबार 134.86 डॉलर की कीमत के आसपास हो रहा था.
'असामान्य क़ीमत'
इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला से भी मुलाक़ात की.
महासचिव ने बताया था कि शाह अब्दुल्ला भी तेल की इन क़ीमतों को 'असामान्य रूप से अधिक' मानते हैं.
ग़ौरतलब है कि सऊदी अरब तेल का सबसे बड़ा उत्पादक देश है.
बान की मून का कहना था,'' उन्होंने (शाह अब्दुल्ला) ने स्वीकार किया कि मौजूदा तेल की क़ीमतें असामान्य रूप से अधिक हैं. इसकी वजह अटकलें और कुछ देशों की नीतियाँ हैं.''
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कहना था,'' वो तेल की क़ीमतों को उचित स्तर पर लाने के लिए आवश्यक क़दम उठाने के लिए तैयार हैं.''
सऊदी समाचार एजेंसी के अनुसार सऊदी अरब के तेल मंत्री अली अल नैमी ने कहा कि तेल निर्यातकों और आयातकों की इस महीने के आख़िर में जेद्दा में एक बैठक होगी जिसमें क़ीमतों को लेकर कोई हल निकालने का प्रयास किया जाएगा.
ख़बरों में कहा जा रहा है कि बढ़ती माँग और राजनीतिक तनाव के कारण जुलाई महीने के अंत तक कच्चे तेल की क़ीमत 150 अमरीकी डॉलर को भी पार कर सकती हैं.