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बुधवार, 04 जून, 2008 को 20:54 GMT तक के समाचार

'खाद्यान्न संकट के लिए और सहायता'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने चेतावनी दी है कि खाद्यान्न की बढ़ती क़ीमतें क़हर ढा सकती हैं.

उनका कहना था कि इस संकट से निपटने के लिए 20 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी.

बान की मून ने ये बातें रोम में चल रहे संयुक्त राष्ट्र खाद्यान्न सम्मेलन के दौरान कहीं.

खाद्यान्न संकट के कारण दुनिया के कई देशों में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसको देखते हुए रोम में खाद्यान्न सुरक्षा सम्मेलन बुलाया गया है.

सम्मेलन में खाद्यान्न संकट से लोगों को उबारने के लिए तीन अरब डॉलर की आपात सहायता देने का वादा किया गया.

साथ ही विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि वो ज्यादातर खाद्यान्न विदेशों से लाने के बजाए विकासशील देशों से जुटाएगा.

इसके पीछे योजना ये है कि इसके माध्यम से स्थानीय किसानों को उनके उत्पादों के लिए और अधिक राशि देकर प्रोत्साहित किया जाए.

चेतावनी

इसके पहले संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि दुनिया के खाद्यान्न संकट से निपटने के लिए विकासशील देशों को कृषि क्षेत्र में 10 गुना अधिक राशि ख़र्च करनी होगी.

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के प्रमुख ज़ाक डियूफ़ ने कहा था कि इस समस्या के समाधान के लिए 20 से 30 अरब डॉलर की ज़रूरत होगी.

खाद्य और कृषि संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर खाद्यान्न की पैदावार बढ़ाने और ज़रूरतमंद लोगों तक इसे पहुँचाने का इंतज़ाम नहीं किया गया तो हालात बदतर हो सकते हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि इस खाद्यान्न संकट ने 10 करोड़ लोगों को भुखमरी की तरफ़ ढकेल दिया है.

आंकड़ों के अनुसार इस साल ग़रीब देशों को खाद्यान्न आयात करने के लिए 40 प्रतिशत ज़्यादा खर्च करना पड़ा है.

खाद्य और कृषि संगठन ने दानकर्ता देशों से माँग की है कि वो विकासशील देशों की और अधिक मदद करें ताकि किसान बीज, खाद और किसानी से जुड़ी दूसरी चीज़ों को खरीद सकें.