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शुक्रवार, 11 अप्रैल, 2008 को 06:20 GMT तक के समाचार

महँगाई सातवें आसमान पर

भारत में महँगाई की दर आठ नवंबर 2004 के बाद पहली बार 7.41 फ़ीसदी पर पहुँच गई है. सब्ज़ी, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हैं.

वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी ताज़ा आँकड़ों में यह जानकारी दी है.

इस बीच वाणिज्य मंत्री कमलनाथ ने सीमेंट के निर्यात पर रोक लगा दी है और इस्पात निर्यातकों को दी गई अतिरिक्त सुविधाएँ वापस लेने की घोषणा की है.

दिल्ली में विदेश व्यापार नीति की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि ये क़दम महँगाई को काबू करने के लिए उठाए गए हैं.

29 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महँगाई दर 7.41 फ़ीसदी आँकी गई है.

इससे पहले के हफ़्ते में यह सात फ़ीसदी के आस-पास थी.

बोझ

हालाँकि आम उपभोक्ताओं पर कहीं अधिक बोझ पड़ा है क्योंकि खाद्य पदार्थों के थोक और ख़ुदरा भाव में काफ़ी अंतर होता है.

आँकड़ों के मुताबिक सब्जियों के भाव में चार फ़ीसदी से ज़्यादा की वृद्धि हुई है और दाल के दाम भी बढ़े हैं. हालाँकि तेल के भाव में मामूली गिरावट आई है.

लोहे और इस्पात के भाव में भी तेज़ी आई है.

लगभग एक पखवाड़ा पहले ही केंद्र सरकार ने महँगाई रोकने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी जिसमें ग़ैर बासमती चावल के निर्यात पर रोक लगाने के अवाला रिफ़ाइंड तेल, बटर, घी जैसे सामानों पर आयात शुल्क घटाया गया था.

इसके बावजूद महँगाई दर का बढ़ना जारी है. ऐसे में रिजर्व बैंक जब इस महीने के आख़िर में मौद्रिक और ऋण नीति की समीक्षा करेगा तो ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा हो सकती है.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के रिकॉर्डतोड़ दाम ने भी महँगाई को हवा दी है.

फिलहाल कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर बिक रहा है जिसका असर भारत पर ज़्यादा पड़ेगा क्योंकि वह अपनी ज़रूरतों का 70 फ़ीसदी तेल आयात करता है.