रविवार, 06 अप्रैल, 2008 को 07:37 GMT तक के समाचार
कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने याहू के अधिग्रहण के लिए 40 अरब डॉलर की पेशकश पर फ़ैसला लेने के लिए तीन हफ़्ते का समय दिया है.
माइक्रोसॉफ़्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सीईओ) स्टीव बाल्मर ने याहू को लिखे एक पत्र में कहा है कि अगर 26 अप्रैल तक याहू कंपनी के निदेशक कोई जवाब नहीं देते तो उनकी कंपनी मामले को सीधे शेयरधारकों के पास ले जाएगी.
माइक्रोसॉफ़्ट ने इसी साल 31 जनवरी को याहू को ख़रीदने के लिए बोली लगाई थी लेकिन बोर्ड ने इसे ‘कम’ कह कर नकार दिया था.
याहू ने कई दूसरी कंपनियों भी बातचीत की है लेकिन किसी भी तरह का प्रस्ताव नहीं स्वीकार किया है.
बाद में बामर ने माना कि इस दिशा में बातचीत चल रही है साथ ही आश्चर्य भी जताया कि याहू माइक्रसॉफ़्ट से भी बात नहीं कर रहा है.
उन्होंने कहा, “इसके बावजूद भी हमारा प्रस्ताव एक ऐसा विकल्प है जो आपके शेयर धारकों को उनके शेयरों की अच्छी क़ीमत दे रहा है.”
उन्होंने ये भी कहा, “इन दो महीनों के दौरान डील को लेकर कुछ नहीं हुआ. हलांकि इसका इंटरनेट सेवाओं पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ा लेकिन बाज़ार और अर्थव्यवस्था लगातार कमज़ोर होती गई है.”
बामर ने कहा कि उनकी कंपनी ने उस समय याहू की बाज़ार में क़ीमत का 62 प्रतिशत अधिक दाम देने का प्रस्ताव रखा था और उस प्रस्ताव के बाद याहू की बाज़ार में कीमत भी मज़बूत हुई है.
उन्होंने लिखा है, “हमारा मानना है कि आपके ज़्यादातर शेयरधारकों ने इसका आंकलन किया है और अगर तीन सप्ताह के भीतर कोई जवाब नहीं आता है तो माइक्रोसॉफ़्ट निदेशकों का नया बोर्ड चुनने के लिए सीधे लोगों के पास जाएगा.”
पिछले महीने, याहू ने आंकलन किया कि इससे अगले तीन सालों में उसका क़ीमत करीब दुगनी हो जाएगी.