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बुधवार, 26 मार्च, 2008 को 00:12 GMT तक के समाचार

टाटा के काफ़िले में दो और गाड़ियाँ

भारतीय कंपनी टाटा मोटर्स ने बुधवार को अमरीकी कंपनी फ़ोर्ड के दो ब्रितानी ब्रांड जैगुआर और लैंड रोवर की ख़रीद का सौदा पक्का कर लिया है.

टाटा ने इन दोनों ब्रांडों के लिए 2.3 अरब अमरीकी डॉलर अदा किया है.

इस सौदे के तहत अमरीकी कंपनी फोर्ड 60 करोड़ डॉलर की रक़म जैगुआर रोवर के कर्मचारियों के पेंशन के भुगतान के लिए देगी.

इस सौदे के बारे में टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा, "हमें इस बात की ख़ुशी है कि अब हमारे ऑटोमोबाइल के कारोबार में रोवर और जैगुआर भी शामिल हो गए हैं. हम इन दोनों ब्रांडों का बहुत सम्मान करते हैं और उनकी पहचान कायम रखते हुए काम करेंगे."

फोर्ड मोटर्स के प्रमुख एलेन मुलाली ने कहा, "जैगुआर और लैंड रोवर दो शानदार ब्रांड हैं और हमें पूरा विश्वास है कि टाटा के नेतृत्व में प्रगति करेंगे, हमारी प्राथमिकता अब फोर्ड को एक लाभप्रद ब्रांड बनाने की है जो सबके लिए फायदेमंद हो."

फोर्ड मोटर्स को पिछले कारोबारी वर्ष में भारी घाटे का सामना करना पड़ा था और उसे होंडा, सुज़ूकी और टोयोटा जैसी जापानी कार कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है.

टाटा मोटर्स की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक़ कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा.

जैगुआर की शुरूआत 1922 में हुई थी और उसे उच्च श्रेणी की स्पोर्ट्स और लक्ज़री कार के तौर पर जाना जाता है.

जैगुआर और लैंड रोवर मूल रूप से ब्रितानी कारें हैं जिसे अमरीकी ऑटोमोबाइल कंपनी फ़ोर्ड ने ख़रीद लिया था.

फोर्ड और टाटा मोटर्स के बीच पिछले वर्ष जून महीने से ही इस सौदे पर बातचीत चल रही थी.

बढ़ता बाज़ार

टाटा मोटर्स का भारतीय बाज़ार में व्यापक प्रभाव है. टाटा का भारत के ट्रक बाज़ार के आधे से भी बड़े हिस्से पर कब्ज़ा है और साथ ही कार बाज़ार में भी 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है.

जैगुआर और लैंड रोवर ब्रिटेन में लक्ज़री कारें मानी जाती हैं और अमरीका की कंपनी फोर्ड मोर्टस ने कुछ वर्ष पहले इन दोनों ब्रितानी ब्रांडों को ख़रीदा था, जैगुआर घाटे में चल रही थी जबकि लैंड रोवर ने पिछले साल 50 करोड़ डॉलर का मुनाफ़ा कमाया था.

कई श्रम संगठनों से लेकर व्यापार परिषदों ने इस सौदे का स्वागत किया है और इसे सबके हित में बताया है.

यूके इंडिया बिज़नेस काउंसिल की शैरन बैम्फर्ड ने कहा, "टाटा मोटर्स ने रोवर और जैगुआर का जो सफल सौदा किया है वह दोनों देशों के बढ़ते व्यापारिक सहयोग का एक उदाहरण है. इससे पहले टाटा कोरस का सौदा या टेटली की ख़रीद से ज़ाहिर हुआ है कि दोनों देशों के व्यापारिक समुदाय कितने भरोसे से आगे बढ़ रहे हैं."

टाटा ने इसी वर्ष के शुरु में एक लाख रुपए की कार नैनो को बाज़ार में उतारकर खलबली मचा दी थी.

अब जैगुआर और लैंड रोवर ख़रीदने के साथ ही टाटा की कार बाज़ार पर पकड़ और भी मज़बूत हो गई है.

महिंद्रा एंड महिंद्रा इन दोनों ब्रांडों को ख़रीदने की कोशिश की थी लेकिन उनका सौदा पक्का नहीं हो सका था.