बुधवार, 19 मार्च, 2008 को 03:03 GMT तक के समाचार
अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती के बाद पहले अमरीकी और फिर एशियाई शेयर बाज़ारों में ख़ासा सुधार आया है.
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज का डाओ जोन्स इंडेक्स में 420 अंकों का उछाल आया और वह मंगलवार को 3.51 प्रतिशत ऊपर यानी 12392 अंकों पर बंद हुआ.
ये पिछले पाँच साल में डाओ जोन्स सूचकांक में किसी एक दिन में आया सबसे अधिक उछाल है.
'ज़रूरत पड़ी तो और कदम उठाएँगे'
पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस उछाल से ये अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए कि ऋण का संकट ख़त्म हो गया है.
उनका कहना है कि ये केवल इतना दर्शाता है कि निवेशकों को भरोसा है कि अमरीकी केंद्रीय बैंक का अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण कायम है.
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा, "हमारे वित्तीय बाज़ारों में काफ़ी तनाव रहा है. फ़ेडरल रिज़र्व और वित्त मंत्रालय ने एक नाज़ुक घड़ी में वित्तीय बाज़ारों में स्थायित्व लाने के लिए कुछ ज़रूरी क़दम उठाए हैं. मैं आपसे ये कहना चाहता हूँ कि अगर ज़रूरत पड़ी तो हम और क़दम भी उठा सकते हैं."
अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वाली कंपनी डेल्टा ग्लोबल एडवाइसर्ज़ के अध्यक्ष चिप हेनलॉन का कहना था, "अमरीका का केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व जो क़दम उठा रहा है, उससे संभावना है कि इस साल में आगे चल कर अर्थव्यवस्था सुधर जाएगी."
एशियाई बाज़ारों में उछाल
इससे पहले यूरोप में भी शेयर बाज़ारों की स्थिति संभली थी और लंदन के फ़ुट्सी-100 इंडेक्स में 3.54 प्रतिशत का उछाल आया था.
बुधवार को एशियाई शेयर बाज़ारों में भी अमरीका के केंद्रीय बैंक की ब्याज दर में कटौती की घोषणा और डाओ जोन्स में आए सुधार का असर देखने को मिला.
शेयर बाज़ार खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में बुधवार को जापान का निक्केई शेयर सूचकांक तीन प्रतिशत ऊपर गया जबकि ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाज़ारों में दो प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला.