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सोमवार, 17 मार्च, 2008 को 14:54 GMT तक के समाचार

बाज़ार का पाँव फिर फिसला

दुनिया के शेयर बाज़ारों में गिरावट का भारी असर सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ारों पर दिखा और इसमें लगभग एक हज़ार अंकों की गिरावट दर्ज की गई.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक ने सोमवार को गहरा गोता लगाया और 951 अंकों की गिरावट के साथ 14809 के स्तर पर बंद हुआ.

यह सेंसेक्स में पिछले छह महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है.

निफ़्टी में भी तेज़ गिरावट देखी गई और यह क़रीब 250 अंक गिरकर 4500 के स्तर पर बंद हुआ.

अमरीका के पाँचवे सबसे बड़े निवेश बैंक बेयर स्टर्न्स के दिवालिया होने की ख़बर का असर यूरोप समेत एशियाई शेयर बाज़ारों पर देखा गया.

लंदन के फ़ुट्सी-100 इंडेक्स में लगभग दो प्रतिशत गिरावट आई. इसी तरह पेरिस और फ़्रैकफ़र्ट के शेयर इंडेक्सों में भी लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

सोमवार को टोकियो में जापान का शेयर सूचकांक निक्केई लगभग चार प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ.

दक्षिण कोरिया, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में भी शेयर बाज़ार गिरे.

क्रेडिट में कमी

बेयर स्टर्न्स के दिवालिया होने की ख़बर से निवेशकों के बीच यह संदेश गया है कि बाज़ार में क्रेडिट में कमी आई है.

वित्तीय संस्थाओं में लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए विभिन्न देशों की सरकारें ज़रूरी क़दम उठा रही हैं.

अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व के प्रमुख बेन बर्नान्के ने कहा है कि उन्होंने वित्तीय कंपनियों के लिए कुछ क़दम उठाए हैं जिससे कि बाज़ारों में चिंता कम हो.

उम्मीद की जा रही है कि फ़ेडरल रिज़र्व मंगलवार को ब्याज दर में और कटौती की घोषणा कर सकता है.

आर्थिक मामलों के जानकार क्रेग जेम्स का कहना है, " विषम परिस्थितियाँ कुछ अलग उपायों की माँग करती हैं और फ़ेडरल रिज़र्व बाज़ार में स्थायित्व को बरक़रार रखने के लिए ठीक वही कर रहा है."