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सोमवार, 03 मार्च, 2008 को 18:41 GMT तक के समाचार

शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड गिरावट

विश्व बाज़ारों में छाई सुस्ती और बजट से कुछ ख़ास प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सूचकांक में अब तक की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

सेंसेक्स कारोबार के अंत में 901 अंकों की भारी गिरावट के साथ 16 हज़ार 678 अंकों पर बंद हुआ. यही हाल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का रहा जिसका सूचकांक निफ़्टी 270 अंकों से ज़्यादा गिरा.

अमरीकी शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट का असर भारत में दिखाई दे रहा है. अमरीका में हुए ताज़ा अध्ययन से पता चला है कि औद्योगिक उत्पादन और रोज़गार में गिरावट आ रही है.

बीएसई और एनएसई में धातु, तेल, गैस, बैंक, आईटी और वाहन सभी तरह की कंपनियों के शेयर भाव लुढ़क गए.

बैंकों के शेयरों में तेज़ गिरावट दर्ज की गई. जानकारों का कहना है कि बजट में किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने की घोषणा की गई लेकिन इसकी भरपाई बैंकों को कैसे होगी, इसको लेकर संशय बरकरार है.

कारोबारी हफ़्ते के पहले ही दिन इतनी बड़ी गिरावट को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में शेयर बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाई दे सकता है.

सेंसेक्स वर्ष 2007 के आख़िर में लगभग 22 हज़ार के आँकड़े के पास पहुँच गया था लेकिन नए साल में शेयर बाज़ारों की तेज़ी पर ब्रेक लग गया.

बजट में स्टॉक एक्सचेंजों को सेवा कर के दायरे में लाने और छोटी अवधि के लिए शेयरों में निवेश करने पर मिलने वाले लाभ पर कर को दस फ़ीसदी से बढ़ा कर 15 फ़ीसदी करने की घोषणा हुई जिसका असर भी दिखाई दे रहा है.