शनिवार, 01 मार्च, 2008 को 07:56 GMT तक के समाचार
अमरीकी वायुसेना की ओर से ईंधन भरने वाले एयर टैंकर बनाने का 40 अरब डॉलर का अनुबंध विमान कंपनी बोइंग को न मिलने पर अमरीकी सांसदों ने नाराज़गी जताई है.
विमानों में हवा में ही ईंधन भरने वाले एयर टैंकर बनाने का अनुबंध कैलिफ़ोर्निया स्थित नॉर्थ्रोप ग्रूमन और यूरोप की रक्षा कंपनी ईएडीएस ने संयुक्त रूप से हासिल किया है. ईएडीएस बोइंग की प्रतिद्वंद्वी कंपनी एयरबस का मालिक है.
नॉर्थ्रोप ग्रूमन और ईएडीएस ने विमान निर्माण क्षेत्र में अपनी धाक जमा चुकी अमरीकी विमान कंपनी बोइंग को पछाड़कर यह अनुबंध हासिल किया है.
अनुबंध के तहत 15 साल में 179 एयर टैंकर बनाने होंगे. इन टैंकरों की मदद से विमान और अधिक समय तक हवा में उड़ान भर सकेंगे. यह क़रार लगभग 4,000 करोड़ डॉलर यानी करीब 160 अरब रुपये का है.
बोइंग को झटका
बोइंग का कहना है कि वह अपील करने के बारे में निर्णय करने से पहले अमरीकी सैन्य मुख्यालय पेंटागन के जवाब का इंतज़ार करेगा.
वॉशिंगटन प्रांत में बोइंग के कुछ कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है.
उधर प्रांत के कुछ सांसदों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस ठेके को 'आउटसोर्स' किए जाने की निंदा की है.
वर्ष 2003 में एयर टैंकर बनाने का अनुबंध बोइंग को दिया गया था. लेकिन कथित घोटाले और अधिक दामों की शिकायत के बाद बोइंग से यह अनुबंध छीन लिया गया.
विमान के कलपुर्जों को अलबामा में जोड़ा जाएगा, लेकिन अधिकांश पुर्जों का निर्माण यूरोप में होगा.
अमरीकी वायु सेना ने नए विमान टैंकरों को KC-45A नाम दिया है. यह एयरबस A330 पर आधारित होंगे.
इस विमान टैंकर का काम अमरीकी वायु सेना के बेड़े में शामिल लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन मुहैया कराना होगा. 15 साल का
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अनुबंध छिन जाना बोइंग के लिए बहुत बड़ा झटका है.
अमरीका में इस तरह के विमान सबसे अधिक हैं. बोइंग कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि अगर कंपनी यह अनुबंध हासिल नहीं कर पाती तो वह 'रिफ्यूलिंग' बाज़ार से कई वर्षों के लिए बाहर हो जाएगी.