शुक्रवार, 29 फ़रवरी, 2008 को 08:32 GMT तक के समाचार
बजट पेश किए जाने के बाद भारतीय शेयर बाज़ारों में गिरावट आई लेकिन जानकारों का कहना है कि मध्यम अवधि में इसका सकारात्मक असर दिखेगा.
शुक्रवार को कारोबार बंद होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स लगभग 245 अंक गिर कर 17 हज़ार 578 अंकों पर बंद हुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ़्टी में 61 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.
दरअसल वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट में किसानों के 60 हज़ार करोड़ रूपए के कर्ज़ माफ़ करने की घोषणा की है. हालाँकि इसकी भरपाई वे बैंकों को कैसे करेंगे इसका ब्योरा नहीं मिला है.
साथ ही वित्त मंत्री ने स्टॉक एक्सचेंजों को सेवा कर के दायरे में लाने और छोटी अवधि के लिए शेयरों में निवेश करने पर मिलने वाले लाभ पर कर को दस फ़ीसदी से बढ़ा कर 15 फ़ीसदी करने की घोषणा की है.
दिल्ली स्थित कुशल शेयर ब्रोकिंग के रमेश अरोड़ा ने बीबीसी संवाददाता आलोक कुमार से कहा, "इस फ़ैसले से बड़े निवेशक प्रभावित होंगे. लेकिन घोषणा होते ही पूरे बाज़ार में एक माहौल बनता है जिसका असर आज दिखा लेकिन मेरा मानना है कि मध्यम अवधि में बजट का सकारात्मक असर दिखेगा."
माँग बढ़ाने वाला बजट
आनंद राठी सेक्योरिटीज के डीडी शर्मा का मानना है कि किसानों का कर्ज़ माफ़ करने और नौकरी पेशा वालों के लिए आयकर की सीमा बढ़ाने का फ़ैसला सराहनीय है.
वो कहते हैं, "देखिए कर्ज़ माफ़ी से किसान राहत महसूस करेंगे और नौकरी वालों के पास अधिक पैसा बचेगा. वो या तो इस पैसे को खर्च करेंगे या कहीं निवेश करेंगे. दोनों ही स्थितियों में अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी जिससे शेयर बाज़ार भी आगे बढ़ेगा."
आनंद राठी का मानना है कि बढ़ती महँगाई के मद्देनज़र ऊँची ब्याज दरों के रहते जिस तरह सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में बदलाव किए गए, वो बुद्धिमानी भरा क़दम है.
ग़ौरतलब है कि वित्त मंत्री ने बजट में रेफ़्रीजरेटर, बस, छोटी कारें, दोपहिया और तिपहिया वाहन, दवा, स्टील आदि पर शुल्क कम किया है.
इस पर रमेश अरोड़ा का कहना है, "शुल्कों में बदलाव से आम उपभोक्ता को फ़ायदा होगा. साथ ही उन कंपनियों को भी. तो स्वाभाविक तौर पर शेयर बाज़ार भी फ़ायदे में रहेगा."