मंगलवार, 19 फ़रवरी, 2008 को 19:09 GMT तक के समाचार
चीन में इस वर्ष जनवरी महीने में मुद्रास्फीति की दर 11 वर्षों के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुँची है.
माना जा रहा है कि देश के कई हिस्सों में भीषण बर्फ़बारी की वजह से आम ज़रूरत की वस्तुओं की क़ीमतें बढ़ गई हैं जिससे मुद्रास्फीति का आंकड़ा ऊपर चला गया है.
दिसंबर महीने में चीन में मुद्रा स्फीति की दर 6.5 प्रतिशत थी जो जनवरी में बढ़कर 7.1 प्रतिशत हो गई.
चीन में मुद्रास्फीति में वृद्धि लगातार जारी है हालाँकि सरकार ने इसे रोकने के लिए कई क़दम उठाए हैं.
कई दशकों की सबसे भीषण बर्फ़बारी की वजह से खाने-पीने की चीज़ों की क़ीमतें 18 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं. बर्फ़बारी की वजह से बड़ी तादाद में मवेशी मारे गए हैं और फसल तबाह हो गई है.
मगर कुछ जानकारों का कहना है कि ख़राब मौसम ही मूल्य वृद्धि का एकमात्र कारण नहीं है, उनका कहना है कि ज़रूरी चीज़ों की क़ीमतें और बढ़ सकती हैं.
1996 के बाद से चीन में मुद्रास्फीति के आंकड़े सात प्रतिशत तक कभी नहीं पहुँचे थे, खान-पान के सामान को छोड़कर अन्य चीज़ों की क़ीमतें सिर्फ़ 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी हैं.
वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक़ चीन में तीस करोड़ से अधिक लोग ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करते हैं और आम ज़रूरत की चीज़ों की क़ीमतें बढ़ने से उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
वर्ष 2007 में चीन की सरकार ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए छह बार ब्याज दरों में छोटी-छोटी बढ़ोतरियाँ की हैं और माना जा रहा है चीन की सरकार एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ा सकती हैं.