गुरुवार, 14 फ़रवरी, 2008 को 09:45 GMT तक के समाचार
भारत में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाने का फ़ैसला किया है. यह फ़ैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.
मंत्रिमंडल के फ़ैसले के अनुसार गुरुवार आधी रात से पेट्रोल की क़ीमतों में प्रति लीटर दो रुपए और डीज़ल प्रति लीटर एक रुपए मंहगा हो जाएगा.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मंत्रिमंडल ने पेट्रोल दो रुपए और डीज़ल एक रुपए महँगा करने का निर्णय लिया है और ये क़ीमतें आधी रात से लागू हो जाएंगी."
उल्लेखनीय है कि पिछले कई हफ़्तों से पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाने पर मंत्रिमंडल में राय बंटी हुई थी.
वामदलों ने की आलोचना
क़ीमतें बढ़ाने की वाम दलों ने कड़ी आलोचना की है. सीपीएम के सीताराम येचुरी ने कहा कि यह आम लोगों के हित में नहीं है.
उधर सीपीआई के डी राजा का कहना था कि पहले ही सभी चीज़ों की क़ीमतें आसमान छू रही हैं और ऐसे में पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाना सही नहीं है.
उन्होंने यह भी कहा कि सीपीआई पूरे देश में इसके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करेगी.
इससे पहले जून 2006 में पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतें बढ़ाई गई थीं जबकि एलपीजी की क़ीमतें 2004 में प्रति सिलिंडर 20 रुपए बढ़ाई गई थी.
मिट्टी के तेल की क़ीमतें 2002 के बाद से नहीं बढ़ी हैं.
पेट्रोल की क़ीमतों में इस बढ़ोतरी से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रति माह 180 करोड़ रुपए की आय हो सकेगी जबकि डीज़ल क़ीमतों से 360 करोड़ की अतिरिक्त राशि उगाही जा सकेगी.