शुक्रवार, 08 फ़रवरी, 2008 को 18:11 GMT तक के समाचार
रोज़मर्रा की ज़रूरतों के सामान के दाम बढ़ने से भारत में महँगाई दर चार फ़ीसदी के आँकड़े को पार कर गई है. यह पिछले पाँच माह का सर्वोच्च स्तर है.
वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक 26 जनवरी को ख़त्म हुए सप्ताह में महँगाई 0.2 प्रतिशत बढ़ी और यह 4.11 प्रतिशत पर पहुँच गई.
इस दौरान नमक, सरसों तेल, फल और गेहूं जैसी रोज़मर्रा की वस्तुओं के दाम में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.
विश्लेषकों का कहना है कि खाद्य जिंसों की ऊंची कीमतों का मुद्रास्फ़ीति पर असर साफ दिख रहा है.
ऐसे में आने वाले समय में काफी कुछ तेल की कीमतों पर होने वाले फ़ैसले पर निर्भर करेगा.
अगर केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने का फ़ैसला करती है तो महँगाई दर और बढ़ सकती है.
हालाँकि यह अभी भी रिजर्व बैंक के लक्ष्य से अधिक नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान महँगाई दर पाँच से साढ़े पाँच फ़ीसदी के बीच रखने का लक्ष्य निर्धारित किया था.
पिछले साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में मुद्रास्फ़ीति की दर दो वर्ष के उच्चतम स्तर 6.69 प्रतिशत पर थी जो अक्तूबर में तीन प्रतिशत से नीचे आ गई थी. इसके बाद से इसमें उतार-चढ़ाव बना हुआ है.