http://www.bbcchindi.com

सोमवार, 28 जनवरी, 2008 को 04:27 GMT तक के समाचार

शेयर बाज़ारों में फिर तेज़ गिरावट

अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका के मद्देनज़र एशियाई शेयर बाज़ारों में फिर तेज़ गिरावट आई है. भारत का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 700 अंक नीचे है.

शुक्रवार को अमरीकी शेयर बाज़ारों में गिरावट आई थी और जब सोमवार को एशियाई बाज़ार खुले तो उसका असर स्पष्ट दिखाई दे रहा था.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 11 सौ से ज़्यादा अंको की भारी बढ़त के साथ 18 हज़ार 361 पर बंद हुआ था.

जापान के मुख्य शेयर सूचकांक निक्केई में तीन फ़ीसदी और हॉंगकॉंग के हैंगसैंग में ढ़ाई फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.

विश्लेषकों का कहना है कि सबकी निगाहें अमरीकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व की बैठक पर टिकी हुई है.

संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व एक बार फिर ब्याज़ दरों में कटौती कर सकता है.

पिछले हफ़्ते अमरीकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज़ दरों में अचानक 0.75 फ़ीसदी की भारी कटौती की थी जिससे दुनिया भर के शेयर बाज़ारों को संभलने में मदद मिली.

इधर भारतीय रिजर्व बैंक की भी मंगलवार को बैठक है जिसमें ब्याज़ दरों पर फ़ैसला लिया जा सकता है.

ग़ौरतलब है कि पिछले लगभग दो वर्षों से रिजर्व बैंक ने ब्याज़ दरों में कटौती नहीं की है.

ऊतार-चढ़ाव

भारतीय शेयर बाज़ारों के लिए पिछला हफ़्ता भारी ऊतार-चढ़ाव भरा रहा और जानकारों की राय में वैश्विक अर्थव्यवस्था में मज़बूती के कोई ठोस संकेत नहीं मिलने तक यह सिलसिला जारी रह सकता है.

शुरुआत 21 जनवरी को हुई जब बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में दस फ़ीसदी तक की गिरावट आई.

यही हाल 22 जनवरी को रहा और सेंसेक्स एक समय 17 हज़ार अंकों से भी नीचे आ गया.

गिरावट का दौर शुरु होने से पहले सेंसेक्स 22 हज़ार के आँकड़े के पास पहुँच चुका था. इस तरह चंद कारोबारी दिनों में हज़ारों अंकों की घट-बढ़ देखी गई.