बुधवार, 23 जनवरी, 2008 को 17:37 GMT तक के समाचार
दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंका को देखते हुए गिर रहे अमरीकी और यूरोपीय शेयर बाज़ारों में गिरावट का दौर जारी रहा.
ब्रिटेन का मुख्य शेयर सूचकांक फुट्सी लगभग चार प्रतिशत नीचे गिर गया, यह गिरावट सोमवार से ही लगातार जारी है.
मंगलवार को इसी गिरावट के दौर को थामने की कोशिश करते हुए अमरीकी केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में भारी कटौती की घोषणा की थी, फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दर में .75 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की थी जो पिछले ढाई दशक की सबसे बड़ी कटौती है.
यह कोशिश नाकाम ही रही और अमरीका के शेयर बाज़ारों में इस घोषणा के बाद भी गिरावट देखी गई.
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ार के जानकारों का कहना है कि कई सिटीग्रुप और मैरिल लिंच जैसी कई बड़ी कंपनियों को हुए भारी घाटे के बाद भारी अनिश्चितता का माहौल है और निवेशकों में घबराहट है.
बीबीसी से एक बातचीत में दुनिया के अग्रणी निवेशक जॉर्ज सोरोस ने कहा कि अमरीका में ब्याज दरों में कटौती के बावजूद अमरीका और ब्रिटेन के लिए मंदी से बच पाना मुश्किल लगता है.
मंगलवार को अमरीका के मुख्य शेयर सूचकांक डॉ जोंस में 1.1 प्रतिशत की गिरावट आई थी जबकि बुधवार को डो जोंस 2.5 प्रतिशत की उछाल के साथ बंद हुआ. इसी तरह नैस्डैक में 1.05 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
जर्मनी के मुख्य सूचकांक डैक्स में 4 प्रतिशत और फ्रांस के मुख्य सूचकांक कैक-40 में 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई.
बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर मर्वन किंग ने कहा है कि ब्रिटेन पिछले कुछ वर्षों की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती से जूझ रहा है.
सुधार
भारत में शेयर बाज़ार में सोमवार और मंगलवार की भारी गिरावट के बाद हालात कुछ बेहतर हुए हैं, मुंबई शेयर बाज़ार का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 5.17 फ़ीसदी की बढ़त लेकर 17594 पर बंद हुआ.
पिछले दो दिनों में मुंबई शेयर बाज़ार में मची अफ़रा-तफ़री में बीएसई सूचकांक में कुल मिलाकर करीब 2300 अंकों की गिरावट हुई थी लेकिन बुधवार को बाज़ार बढ़त पर खुला.
भारत ही नहीं एशिया के दूसरे शेयर बाजा़रों में भी हालात पहले से बेहतर रहे. जापान के प्रमुख इंडेक्स निकेई में दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि हांगकांग हैंग सैंग भी बढ़त के साथ बंद हुआ.