मंगलवार, 22 जनवरी, 2008 को 05:58 GMT तक के समाचार
भारतीय शेयर बाज़ार में मंगलवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक में एक समय दो हज़ार अंकों की गिरावट आई लेकिन फिर सेंसेक्स कुछ संभला और लगभग 875 अंकों के नुकसान से साथ बंद हुआ.
इस तरह शेयर बाज़ार को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है.
एक समय तो सेंसेक्स 15332 तक पहुँच गया था लेकिन फिर भारतीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के निवेशकों को भरोसा दिलाने के बाद शेयर बाज़ार की स्थिति कुछ बेहतर हुई. जब कारोबार ख़त्म हुआ तब सेंसेक्स लगभग पाँच प्रतिशत के नुकसान के साथ 16729 पर बंद हुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ़्टी में भी गिरावट देखने को मिली और मंगलवार को कारोबार ख़त्म होने तक पाँच प्रतिशत यानी लगभग 310 अंकों के नुकसान के साथ 4899 पर बंद हुआ.
ऐसा नहीं है कि गिरावट सिर्फ़ भारत के बाज़ार में ही आई. चीन, ताइवान, कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग के बाज़ारों में भी बिकवाली का दौर जारी रहा.
विश्लेषकों का मानना है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका को देखते हुए निवेशकों ने बाज़ार से अपना पैसा निकाला जिसके कारण ये गिरावट देखने को मिली.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख डोमिनिक़ स्ट्रॉस-कान ने दुनिया की अर्थव्यवस्था की स्थिति को गंभीर बताया है.
कारोबार बंद करना पड़ा
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में जब दो हज़ार अंकों की गिरावट आई तब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी तेज़ी से 630 अंक गिरा.
इसके बाद शेयर बाज़ारों का कारोबार एक घंटे के लिए बंद करना पड़ा.
भारतीय शेयर बाज़ारों में ये चौथा मौक़ा था जब कारोबार बंद करना पड़ा.
बाज़ार में गिरावट आने के बाद सूचकांक 16 हज़ार से नीचे गिर गया था. यह एक दिन के अंदर होने वाली बड़ी गिरावट थी.
उधर वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत में लोगों को 'शांत रहने और शेयर बाज़ार में बने रहने' की सलाह दी.
उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया है कि देश की अर्थव्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं आया है और विकास दर नौ फ़ीसदी होने की संभावना है.
उन्होंने आश्वासन दिया कि बाज़ार में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी.
भरोसा दिलाने की कोशिश
इस गिरावट के बाद सरकार ने निवेशकों को अफ़वाहों से सावधान रहने की सलाह दी है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा था, ''पूंजी बाज़ार का व्यवस्थित विकास ही सरकार की प्राथमिकता है. मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि बाज़ार की निरंतर वृद्धि ही हमारी प्राथमिकता है.''
एक अनुमान के अनुसार पिछले छह दिनों से बाज़ार में हुई गिरावट से देश के निवेशकों को 300 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है जिसमें आधा से ज़्यादा नुकसान तो सोमवार के सत्र में ही हुआ था.