गुरुवार, 17 जनवरी, 2008 को 11:20 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ़) और संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2008 में इराक़ के अच्छे आर्थिक विकास की उम्मीद जताई है और राजनीतिक विकास की भी तारीफ़ की है.
आईएमएफ़ के मध्यपूर्व और मध्य एशिया विभाग के निदेशक मोहसिन ख़ान का कहना है कि साल 2008 में इराक़ के विकास में महत्वपूर्ण तेज़ी दिखी जाएगी.
आईएमएफ़ ने कहा है कि साल 2008 में इराक़ में सात प्रतिशत विकास की उम्मीद की जा रही है और इतनी ही आर्थिक वृद्धि साल 2009 में भी अपेक्षित है.
साथ ही इराक़ से तेल की बिक्री से राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद की गई है.
दूसरी ओर इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के दूत स्टैफ़न डेमिस्टूरा ने सुन्नी और समुदायों के बीच हुई बातचीत का स्वागत करते हुए कहा है कि वे इराक़ में चल रही राजनीतिक चर्चाओं से उत्साहित हैं और इसके लिए सरकार को बधाई देना चाहते हैं.
लेकिन विश्लेषकों ने आगाह किया है कि बहुत कुछ दारोमदार इस पर होगा कि अगले 12 महीनों में कितनी तेज़ी से प्रगति होती है.
दो अहम अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ये टिप्पणियाँ संयोगवश ऐसे समय पर आई हैं जब इराक़ के पिछले कुछ सप्ताह अपेक्षाकृत अच्छे गुज़रे
हैं और पिछले कुछ हफ़्तों में इराक़ में हिंसा की घटनाओं में काफ़ी कमी दिख रही
है.
देश में राजनीतिक माहौल में बदलाव ख़ासतौर से शनिवार को पास किए गए उस क़ानून के बाद देखा जा रहा है जिसमें बाथ पार्टी के पूर्व सदस्यों पर लगी पाबंदी को हटाने का प्रस्ताव है.
अर्थव्यवस्था
आईएमएफ़ ने इराक़ की अर्थव्यवस्था की एक चमकदार तस्वीर पेश की है.
आईएमएफ़ के मध्य पूर्व और मध्य एशिया विभाग के निदेशक मोहसिन ख़ान का कहना है कि उसे उम्मीद है कि इस साल इराक़ के आर्थिक विकास की दर सात प्रतिशत तक होगी और यही दर अगले साल भी बनी रहेगी.
आईएमएफ़ ने कहा है कि तेल के निर्यात से भी तेज़ी आने जा रही है और यह दो लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुँच सकता है जिससे इससे इराक़ को होने वाली आय में भी बढ़ोत्तरी होगी.
लेकिन इसके साथ ही आईएमएफ़ ने स्पष्ट किया है कि इस विकास के बावजूद इराक़ को आर्थिक सहायता की ज़रुरत पड़ती रहेगी, ख़ासकर सुरक्षा के मामले में.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ने के बाद से तेल ठिकानों पर चरमपंथियों के हमले कम हुए हैं लेकिन अब भी तेल से होने वाली आय के वितरण के क़ानून बनाने की बाधा खड़ी हुई है.
राजनीतिक चर्चाएँ
अर्थव्यवस्था के तेज़ी से बढ़ने की ख़बरों के बीच इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के दूत ने राजनीतिक स्थितियों पर भी उत्साहवर्धक टिप्पणियाँ की हैं.
शिया और सुन्नियों के बीच चल रही चर्चा को उन्होंने उत्साहजनक बताते हुए कहा है कि इस साल की शुरुआत से उनका दृष्टिकोण लगातार बदला है.
उन्होंने 2008 को इराक़ के लिए महत्वपूर्ण वर्ष बताया है.
पिछले शनिवार को बने नए क़ानून को परिदृष्य बदलने वाला बताया है. इस क़ानून के तहत सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी के पुराने सदस्यों की नौकरी बहाल करने का फ़ैसला किया गया है.
अमरीकी हमले के बाद से उन्हें नौकरियों से हटा दिया गया था और बाथ पार्टी के लोगों को नौकरी पाने का हक़ नहीं था.
इस फ़ैसले के बाद से दोनों गुटों के बीच चल रही हिंसा में कमी देखी जा रही है लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बदलाव का दारोमदार अगले छह से बारह महीनों में होने वाली राजनीतिक सहमतियों में आने वाली तेज़ी पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा.