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बुधवार, 09 जनवरी, 2008 को 11:48 GMT तक के समाचार

कम होगी वैश्विक विकास दर : विश्व बैंक

विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि अमरीका में आने वाली संभावित मंदी का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है और विकासशील देशों में विकास की दर अगले दो वर्षों में थोड़ी धीमी हो सकती है.

वैश्विक आर्थिक संभावनाओं पर किए गए अपने वार्षिक आकलन में उन्होंने चेतावनी दी है कि अमरीका की अर्थव्यवस्था में आनेवाली संभावित मंदी विकासशील देशों के हालात बदतर कर सकती है.

अपनी रिपोर्ट में उन्होंने पूर्वी एशिया में दस फ़ीसदी से कुछ कम, दक्षिण एशिया में आठ फ़ीसदी और अफ़्रीका में 6.4 फ़ीसदी विकास की भविष्यवाणी की है.

अफ़्रीका के लिए यह आँकड़े पिछले साल से बेहतर हैं.

जबकि दूसरे विकासशील देशों के लिए विश्व बैंक की यह भविष्यवाणी कुछ कम विकास दर दर्शाती है.

रिपोर्ट का कहना है कि विकासशील देशों ख़ासकर चीन, भारत और रूस में विकास की गति का लचीलापन अमरीका में होने वाली मंदी को संभाल लेगा.

निर्यात पर असर

रिपोर्ट में इस बात पर ख़ासतौर से प्रकाश डाला गया है कि 2007 की शुरूआत में विकासशील देशों ख़ासकर चीन, भारत और रूस के औद्योगिक उत्पादन की बढ़ती गति ने भी आर्थिक विकास दर को संभाल लिया.

लेकिन ऐसी सकारात्मक भविष्यवाणी यह संकेत देती हैं कि अमरीका की आर्थिक स्थिति और ख़राब नहीं होनी चाहिए.

अगर लड़खड़ाते हुए अमरीकी हाउसिंग बाज़ार ने अमरीका को मंदी में डाल ही दिया जैसा कि कुछ आर्थिक सलाहकार मानते हैं तो इससे विकासशील देशों के निर्यात पर असर पड़ेगा.

इसके अलावा उन देशों के औद्योगिक और कृषि उत्पादनों के दामों पर भी इसका असर पड़ेगा.

रिपोर्ट का कहना है कि अमरीकी मुद्रा डॉलर भी परेशानी का एक और सबब बन सकता है.

अगर अमरीकी मुद्रा में एक बार फिर तीखी गिरावट देखी गई तो इससे वित्तीय बाज़ारों के ज़्यादा अस्थिर होने की आशंका है.

इसका असर पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था में व्यापार और निवेश पर पड़ेगा.