बुधवार, 02 जनवरी, 2008 को 10:05 GMT तक के समाचार
दुनिया के कुछ हिस्सों में राजनीतिक तनाव के कारण नए साल की शुरुआत में ही तेल की क़ीमतों में उछाल आया है.
तेल की क़ीमतें साल के दूसरे दिन यानी बुधवार को 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं.
कारोबार करने वालों के अनुसार न्यूयॉर्क में कच्चे तेल की क़ीमत 96.42 डॉलर प्रति बैरल रही जो गत शुक्रवार को बाज़ार बंद होने के समय की क़ीमत से क़रीब 42 सेंट ऊपर रहा.
विश्लेषकों का कहना है कि 27 दिसंबर को बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद पाकिस्तान के बदले राजनीतिक हालात ने तेल के दामों में ये तेज़ी ला दी है.
भविष्यवाणी
जनवरी 2007 में 50 डॉलर से भी नीचे रहीं तेल की दरें वर्ष 2007 के दौरान ही लगभग दोगुनी हो गईं.
पर्यवेक्षकों की भविष्यवाणी है कि 2008 में तेल की प्रति बैरल क़ीमत 100 डॉलर को भी पार कर जाएगी क्योंकि कच्चे तेल की आपूर्ति कम है और मांग अधिक.
चीन में तेज़ आर्थिक विकास और तेल आपूर्ति करने वाले क्षेत्रों मसलन मध्य पूर्व, रूस और कुछ अफ्रीकी देशों में तनाव होना भी इसकी बड़ी वजहें बताई जा रही हैं.