सोमवार, 29 अक्तूबर, 2007 को 14:47 GMT तक के समाचार
रिलायंस इंड्रस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत में जाना-पहचाना नाम है. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है.
मुकेश अंबानी का नाम आते ही उभरते हुए भारत की वो छवि सामने आती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दमख़म दिखाने का माद्दा है.
19 अप्रैल 1957 को अदन (यमन) में जन्मे मुकेश अंबानी इस समय भारतीय उद्योग जगत के अगुआ माने जाते हैं.
एक समय उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने काफ़ी छोटे स्तर पर काम शुरू किया था लेकिन बाद में वे भारतीय उद्योग जगत के शीर्ष स्थान तक पहुँच गए.
मुकेश अंबानी ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और फिर अमरीका के स्टैन्फ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करना शुरू किया. लेकिन एक साल बाद ही वे कोर्स बीच में ही छोड़कर अपने पिताजी की सहायता के लिए भारत लौट आए.
बड़ा काम
वर्ष 1981 में मुकेश अंबानी रिलायंस ग्रुप में शामिल हुए. टेक्सटाइल से पॉलिएस्टर फ़ाइबर और फिर पेट्रोकेमिकल के क्षेत्र में कंपनी ने हाथ आज़माया तो इसका श्रेय मुकेश अंबानी को मिला.
इतना ही नहीं मुकेश अंबानी को रिलायंस के उत्पादन क्षमता में ज़बरदस्त सुधार का भी श्रेय भी जाता है. जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा तेलशोधक कारखाना बनाने में एक बार फिर मुकेश ने उस्तादी दिखाई.
इस समय जामनगर रिफ़ाइनरी की क्षमता प्रति दिन 6,60,000 बैरल तेल के शोधन की है.
धीरूभाई अंबानी के ड्रीम प्रोजेक्ट रिलायंस इन्फ़ोकॉम के भी प्रभारी मुकेश अंबानी ही थे. लेकिन विभाजन के बाद रिलायंस इन्फ़ोकॉम अनिल अंबानी के हिस्से में चला गया.
बँटवारे के बाद मुकेश अंबानी ने रिटेल क्षेत्र को अपना निशाना बनाया है और वे इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं. देश के कई जगहों पर उन्हें विशेष आर्थिक ज़ोन बनाने की अनुमति भी मिली है.
अपनी कार्यक्षमता और कौशल के कारण मुकेश अंबानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जगत में ख़ूब नाम मिला. पिछले साल उन्हें इकॉनॉमिक टाइम्स ने बिज़नेस लीडर चुना था.
दुनिया के 42 शीर्ष उद्योगपतियों में उनका नाम भी है और अब तो वे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं.