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मंगलवार, 09 अक्तूबर, 2007 को 08:16 GMT तक के समाचार

'बुनियादी सुविधाओं का तेज़ विकास ज़रूरी'

ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर इकोनोमिक कोऑपरेशन और डेवलपमेंट (ओईसीडी) की ताज़ा रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर आधारभूत ढाँचे के विकास को तेज़ी न दी गई तो आर्थिक विकास की गाड़ी पटरी से उतर सकती है.

ओईसीडी ने भारत के पहले आर्थिक सर्वे के बाद जारी रिपोर्ट में कहा है, “भारत में ढाँचागत सुविधाओं पर बहुत अधिक दबाव है. अगर माँग के अनुसार इन सुविधाओं का विकास न किया गया तो देश की आर्थिक विकास पर विपरीत असर होना तय है.”

ओईसीडी 1961 में स्थापित 30 देशों का संगठन है और इसका मुख्यालय फ़्रांस की राजधानी पेरिस में है.

वृद्धि दर

रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली की कमी विकास दर की वृद्धि में एक बड़ी बाधा है. इस क्षेत्र में निवेश के लिए उपभोक्ताओं को इस्तेमाल होने वाली बिजली का भुगतान करना चाहिए.

इसके अलावा सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र में होने वाले खर्च को नियंत्रित करने के उपाय जारी रखने चाहिए.

रिपोर्ट के अनुसार 1980 के दशक से जारी बाज़ार आधारित सुधारों से देश में ग़रीबी कम करने में मदद मिली है और अगले दशक तक औसत आमदनी के दोगुना होने की संभावना है.

फिलहाल आर्थिक वृद्धि की रफ़्तार आठ फ़ीसदी है और यह सालाना दस प्रतिशत तक पहुँच सकती है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़रीद क्षमता के मामले में अमरीका और चीन के बाद भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.

सर्वे में नए प्रतिस्पर्धी आयोग के शीघ्र काम करना शुरू करने की सिफ़ारिश की गई है.

इसके अलावा बीमार फ़र्मों को फिर से शुरू करने के लिए बैंकों को दिवालिया नियमों को और सरल बनाना चाहिए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि रिटेल चेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर जारी प्रतिबंध को हटा दिया जाना चाहिए ताकि उत्पादकता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके.

रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम क़ानूनों में सुधार किया जाना चाहिए ताकि आर्थिक वृद्धि का फ़ायदा अधिक से अधिक लोगों को मिल सके.