सोमवार, 01 अक्तूबर, 2007 को 11:37 GMT तक के समाचार
भारत-पाकिस्तान के व्यापार के इतिहास में सोमवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब टमाटरों से लदे तीन ट्रक अटारी सीमा से पाकिस्तान सीमा में दाखिल हुए.
विभाजन के 60 साल बाद दोनो देशों के बीच सड़क मार्ग से व्यापार का यह रास्ता खुला है.
विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनो देश व्यापार संबंधी पाबंदियों में ढील दें तो द्विपक्षीय सालाना व्यापार छह अरब डॉलर तक पहुँच सकता है.
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चंडीगढ़ में इन ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
ट्रक पर लदे टमाटर उतारने के बाद सभी ट्रक वापस भारत लौट आएँगे.
नई पहल
भारतीय ट्रकों को विशेष सीमा प्रवेश परमिट जारी किए गए हैं. इस परमिट में ट्रक चालक का फ़ोटो, वाहन और इसमें लदे सामान का विवरण दर्ज होगा.
अटारी सीमा पर तैनात एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद ट्रक चालक को पासपोर्ट, वीज़ा और अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी.
ट्रक चालकों के लिए 'ड्राइवर-पाकिस्तान' या 'ड्राइवर-इंडिया' लिखे कपड़े पहनने ज़रूरी होंगे.
पाकिस्तानी ट्रकों को भी सीमा शुल्क परमिट दिए गए हैं, जो भारतीय क्षेत्र के सीमा शुल्क टर्मिनल तक आकर सूखे मेवे उतारने के बाद वापस पाकिस्तान लौट जाएँगे.
दोनो देशों के बीच व्यापार की इस नई पहल से अमृतसर और लाहौर के व्यापारियों में ज़बरदस्त उत्साह है.
अमृतसर की थोक मंडी के एक व्यापारी राजदीप सिंह का कहना है कि इससे दोनो देशों के बीच फल, सब्जी, चारा आदि का व्यापार एक साल में ही दोगुना हो जाएगा.
इस बीच, अटारी सीमा पर कुलियों ने ट्रक से माल ढुलाई शुरू होने से उनके रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका से हंगामा किया.
टमाटर से लदे ट्रक के पाकिस्तान सीमा में दाखिल होने के बाद कुलियों ने दूसरे ट्रकों से टमाटरों की पेटियां उतारकर ज़मीन पर पटक दी.
कुलियों का कहना था कि पहले भारतीय सीमा शुल्क टर्मिनल से सीमा तक सामान उनके जरिए पहुँचता था और ट्रकों के चलने से उनकी रोज़ी पर असर पड़ा है.