मंगलवार, 18 सितंबर, 2007 को 09:34 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के एक बैंक नॉर्दर्न रॉक के खाताधारकों के हितों की रक्षा किए जाने के सरकार के वादे के बाद लोगों का भरोसा कुछ बहाल हुआ है और बैंक के शेयरों में भी 11 प्रतिशत का उछाल आया है.
ब्रिटेन के वित्त मंत्री एलेस्टेयर डार्लिंग ने ब्रिटेन के बैंकों में लोगों का भरोसा बहाल करने की कोशिशों के तहत घोषणा की थी कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड बैंकों में तमाम जमा राशियों की सुरक्षा की गारंटी देती है.
वित्त मंत्री की इस घोषणा के बाद ब्रिटेन के बहुत से ऐसे बैंकों को कुछ राहत मिली जिनकी माली हालत कुछ कमज़ोर मानी जाती है और इस घोषणा से शेयरों की गिरावट भी रुकी है.
उधर नॉर्दर्न रॉक ने अख़बारों में विज्ञापन निकालकर अपने 'कारोबार को सामान्य' बताया है.
इससे पहले नार्थर्न रॉक बैंक के शेयरों में गिरावट के बाद बैंक के सैकड़ों खाताधारक अपने बचत खाते बंद करने लगे थे और सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा.
बैंक ने खाताधारकों के अपने खाते बंद करने को 'सामान्य व्यवसाय' क़रार दिया है और कहा है कि वो खाताधारकों का पैसा बचाने संबंधी सरकारी आश्वासन के बाद स्थिति पर नज़र रख रहे हैं.
पिछले कुछ दिनों में शेयर बाज़ार में नार्थर्न रॉक बैंक के शेयरों में गिरावट के बाद लोग लगातार इस बैंक से अपना धन निकाल रहे हैं और पिछले तीन दिनों में खाताधारक कम से कम दो अरब डॉलर की राशि निकाल चुके हैं.
नार्थर्न रॉक के अलावा कुछ और बैंकों के शेयरों में भी गिरावट आई थीं.
अधिकारियों का कहना है कि चांसलर ने आश्वासन देने संबंधी क़दम उठाकर किसी एक बैंक को बचाने की कोशिश नहीं की है बल्कि पूरी बैंकिंग व्यवस्था को ढहने से बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
चांसलर डार्लिंग ने अपने बयान में कहा था कि अगर खाताधारक नार्थर्न बैंक से पैसे निकालना चाहें तो निकाल सकते हैं लेकिन अगर बैंकों में पैसा रहने देंगे तो यह धन डूबेगा नहीं.
बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता इवान डेविस का कहना है कि चांसलर का यह क़दम महत्वपूर्ण है और इसका अर्थ यह लगाया जा सकता है कि अगर खाताधारकों का पैसा डूबा तो सरकार ये धन वापस करेगी.